Thursday, March 27, 2014

नेताओं कि करतूत

कोई भी नेता
किसी का नहीं होता
जो भी उसे पनाह देता
पहले उसी से बदला लेता ,
जनता पर शब्दों का जाल फेंक
उनको भरोसा देता
फिर उनका मानसिक ह्रास कर
देता है उन सबको धोखा ,
जनता का विकास फण्ड खा
बनाता है खोखे पे खोखा
बनजाता है अरबपति
जनता को कर देता है अनदेखा
क्या भोली भाली जनता को
ऐसे कटाऊ नेताओं को
अपना वोट का अधिकार
सहज ही सौंप देना चाहिए
या अच्छी प्रकार से ठोकबजाकर
अपने हृदयपटल में उतारकर
उसके कर्मकांडों का अवलोकन कर
या फिर छवि को निहारकर
आप उसी नेता को वोट दें
जो आपके क्षेत्र का विकास करे
अपने क्षेत्र को लाभान्वित करने हेतु
रात दिन भरपूर प्रयास करे |

Wednesday, March 26, 2014

मोदी जी का अमर्यादित झूठ

 नरेंद्र मोदी जी जिनको आज देश की  आधी आबादी  प्रधानमंत्री देखने की इच्छुक है यदि वो व्यक्ति कुछ बचकानी और झूठी बातें अन्य नेताओं की भांति करे तो बड़े ही शर्म और लज्जा का विषय है जिसको   सहन करना बड़ा ही मुश्किल है और असंगत भी है ,कम से कम एक जिम्मेदार व्यक्ति को तो ऐसी बाते करना शोभा ही नहीं देता ,जैसे कि
अरविन्द केजरीवाल के timeline (फेस बुक ) पर जो हिंदुस्तान का नक्शा है उसमे उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखा रखा है ,
जबकि फेस बुक पर उनके टाइम लाइन पर ऐसा कोई नक्शा ही नहीं है |
इस सबके ऊपर पाकिस्तान के अखबार भरे पड़े हैं की कश्मीर ,जो हिन्दुतान में है वो पाकिस्ता का हिस्सा है ,जबकि ऐसा किसी अखबार में भी नहीं छपा ,सब झूठ का पुलिंदा है ,
अरविन्द केजरीवाल जी को भगोड़ा कहना कहाँ का तर्क सांगत है वो तो कहीं नहीं भगा यदि भागे हैं तो खुद कहने वाले जो अपना परदेश छोड़कर दुसरे प्रदेशों में सीट छीनते घूम रहे है ,
अरविन्द केजरीवाल को ऐ ,के ४९ कहना कहाँ का तर्कसंगत है इसका मतलब वो आतंकवादी है ,यदि वो आतंकवादी होते तो भारत सरकार क्या अब तक उनको छोड़ देती वो जैल में पड़े होते ,
आप भ्रष्टाचार को दूर करने की बात करते हो क्या आपकी पार्टी में भ्रष्टाचारियों की कमी है या खाली कांग्रेस और केजरीवाल को भ्रष्टाचारी कहने से आपके भर्ष्टाचारी बच जायेंगे या जनता की नजरों से छुप जायेंगे ,
अपने ही उन बुजुर्गों की बेइज्ज्ती करने वाले जिन्होंने भाजपा की नीव राखी और उस स्तर  पर ले आये की कोंग्रेस के सामने आज वो एक ऐसी अकेली पार्टी है जो अपना पी ,एम् बनाने हेतु सोच रही है ,वो दुसरे नेताओं को पाठ नाही पढ़ाये तो अच्छा है अपने गुरु अडवाणी तक की गर्दन दबाने वाले केजरीवाल को अन्ना को छोड़ने पर गुरु को धोखा देने की बात करते हैं ,
भारत की नारी की रक्षा करने का वचन देने वाले अपनी एक संगिनी को उसका हक़ ना देने वाले के मुख से शोभा नहीं देता जो एक नारी की रक्षा ना कर सका वो करोडो की रक्षा क्या करेगा ,
केजरीवाल को कोंग्रेस की बी टीम कहने  वाले मोदी क्या नहीं जानते की जब उनकी पार्टी दिल्ली में सरकार ना बना सकी और भाजपा ने केजरीवाल की सरकार को गिराने के लिए कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गये तो फिर राष्ट्रपति शासन तो लगना ही था इसके लिए भी उनकी सरकार ही जिम्मेदार है ,
शायद भगवान् राम भी आपका भला नहीं करेंगे क्योंकि उनसे भी आप २५ साल से झूठ बोल रहे हैं की भाजपा राम मंदिर बनवाएंगे ,आपने तो भगवान् को भी नहीं बख्शा ,
मोदी जी आपसे हमारी करवद्ध प्रार्थना है की आप झूठ बोल बोल कर अपनी छवि खराब ना करें वो काम तो आपकी पार्टी के और बहुत से नेता और  समर्थक हैं जो करते रहेंगे ,

मोदी के पी एम् होने के नाम से महंगाई बढ़ने के आसार

इकोनोमिक्स के हिसाब से जब किसी भी देश का शेयर सेंसेक्स बढ़ता है ,यानि कि ऊँचा होता है और उस देश कि मुद्रा का अवमूल्यन होता है तो उस देश में महंगाई होती है यानि कि खाने पीने कि वस्तुओं सहित सभी प्रकार कि धातुएं जैसे सोना चांदी,ताम्बा ,पीतल ,लोहा ,यानि कि सभी धातुएं तेज हो जाती है और जमीन जायदाद आदि भी ,
भाजपा समर्थक और खुद मोदी जी एवं और उनकी पार्टी कहती है कि मोदी जी के प्रधान मंत्री बन जाने पर देश में महंगाई खत्म हो जायेगी ,पर अभी तो मोदी जी कि मात्र आने कि हवा ही है उससे ही शेयर बाजार का सूचकांक २१००० से बढ़कर २२१०० के आसपास हो गया और रुपया ६३ से घटकर ६० के आसपास आ गया जो इकोनोमिक्स के हिसाब से दर्शाता है कि मोदी जी के आने के बाद देश में भयंकर तेजी आएगी और यदि तेजी आई तो महंगाई आसमान छूने लगेगी फिर तो जनता में त्राहि त्राहि मच जायेगी ,इसका मतलब महंगाई कम करने का सपना तो भाजपा का  झूठा साबित हो जाएगा फिर जनता आपको कैसे माफ़ करेगी ,आपके विरुद्ध झंडे और डंडे लेकर कड़ी हो जायेंगीj फिर मोदी जी क्या जवाब देंगे ,सारे वायदे झूठे साबित होंगे

Tuesday, March 25, 2014

भांति भांति के नेता

क्या आप जानते है कि
शेर कभी भी अपनी मांद नहीं खोदता (घर )
सांप कभी भी अपना बिल नहीं खोदता (घर )
कौवा कभी भी अपना घौंसला नहीं बनाता (घर )
गिद्ध कभी भी घर नहीं बनाता ,पर वो सूखे वृक्ष के ठूंठ पर बैठकर १००० कोस तक देख सकतां है ,पर निगाह अवश्य रखता है अपने लक्ष्य पर ,जैसे कि आज कल कुछ नेता अपना लक्ष्य प्रधान मंत्री कि कुर्सी पर हजारों कोस से निगाह लगाए बैठे हैं |
और शेर ,सांप ,कौवा कभी भी अपना घरया क्षेत्र नहीं बनाते बल्कि वो बना बनाया छीनते हैं जैसा कि  आज कुछ नेता कर रहें हैं और उसे छीनने के लिए शेर ,सांप कौवे कि भांति शाम ,दाम ,दंड ,भेद ,सभी अपना लेते हैं और लेकर ही छोड़ते हैं

Monday, March 24, 2014

मोदी के कारण वाराणसी का मूल सवरूप बदल कर अयोध्या जैसा हो जायेगा

जिस वाराणसी को देवों कि नगरी ,पापों का नाश करने वाली ,हिन्दू ,मुस्लिम भाइयों कि मुहब्बत ,मेलमिलाप ,कि महान नगरी कही जाने वाली ,मनुष्य को मोक्ष दिलाने वाली महामाई माँ गंगा जिसके ,यानि के वाराणसी के सपरश कर बहने वाली ,विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने वाली नगरी कहा जाता है ,पर आज जो लोकसभा चुनाव कहूं या एक अखाड़ा जिसमे अच्छे ,बुरे ,गुंडे ,महारथी सभी अपनी अपनी ताल ठोंककर लड़ने ,भिड़ने के लिए तैयार बैठे है कि किस को कौन कैसे पटकी देगा ,और ऊपर से मजे कि बात ये है कि हिंदुस्तान के सभी जानी मानी राजनितिक पार्टियां एक होकर ,भाजपा के नरेंद्र मोदी जी को हराने के लिए तत्पर हैं और भाजपा के अकेले मोदी जी भी सभी पार्टीज को धता बताकर ,उन सभी को पटकी देकर वहाँ से लोकसभा का चुनाव जीतने का मन बनाये बैठे हैं,ऊपर से मोदी के कारण आतंकवादियों कि धमकियां ,वहाँ के बाशिंदों में भांति भांति के नारों को लेकर अंदर ही अन्दर सुलगती हुई आग जिस पर घी डालने वाले असामाजिक तत्वों का जमावड़ा ,जो मौके का फायदा उठाने के लिए पता नहीं क्या कया करने के लिए तैयार बैठे हैं ,दुसरे सुरक्षा कि दृष्टि से वाराणसी का पुलिश और आर्मी का छावनी बन जाना ,ये सब आम नागरिक और भक्तों के ह्रदय में भय का वातावरण बना रहा है ,ठीक वैसा ही जैसा कभी अयोध्या में हुआ था ,ये सभी बातें वाराणसी के मूल सवरूप को बिगाड़ने कि और इंगित करती हैं और ये सब क्योँयहाँ  हो रहा है क्योंकि मोदी जी वहाँ से चुनाव लड़ रहे हैं यदि मोदी जी यहाँ से चुनाव नहीं लड़ते तो y

Friday, March 21, 2014

यदि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो क्या महंगाई कम होगी

मोदी जी  प्रधान मंत्री बने तो क्या ?
महंगाई कितनी कम होगी ,
आज के रेटस.....................................मोदी के पी ,एम् के बाद रेट्स होंगे
गेंहू आटा ३० रूपये किलो ..................क्या १५ रूपये किलो मिलेगा
आलू १४ रूपये किलो ........................क्या ७ रूपये किलो मिलेगा
मटर २० रूपये किलो ........................क्या १० रूपये मिलेगी
दालें७० रूपये किलो ..........................३५ रूपये किलो मिलेंगी
चावल ६० रूपये किलो .......................३० रूपये किलो मिलेगा
दूध ५० रूपये किलो ..........................२५ रूपये मिलेगा
चीनी ,गुड  ४० रूपये किलो .............क्या २० रूपये किलो मिलेगा
६२ रूपये का १ डॉलर ....................क्या ३१ रूपये में १ डॉलर मिलेगा
सोना ३२०००रुप्य १० ग्राम ...........क्या १६००० रूपये का १० ग्राम मिलेगा
चांदी ४८००० रूपये किलो ............क्या २४००० रूपये किलो मिलेगा
क्या कोई भाजपा का माई का लाल है जो इस बात कि घोषणा करे कि महंगाई इतनी कम हो जायेगी ,यदि महंगाई कम ही ना हो या इतनी कि इतनी ही रहे तो फिर चाहे पी एम्  मोदी बने या और कोई जनता को क्या फर्क पडेगा |
क्या बलात्कार के केस आधे या नस्से भी कम हो जायेंगे ,क्या क्राइम आधा रह जाएगा ,क्या भारत कि गरीबी दूर हो जायेगी ,क्या किसान आत्महत्या नहीं करेंगे ,क्या कोई बेरोजगार नहीं रहेगा ,क्या भ्रष्टाचार बिलकुल खत्म हो जाएगा ,क्या भ्रूण हत्या नहीं होंगी ,क्या दहेज़ लेना देना बंद हो जाएगा ,क्या गरीबी का मजाक उड़ाया जाता रहेगा ,क्या जाती विवाद समाप्त हो जायेंगे ,क्या कोई भूखा नहीं सोयेगा ,क्या कोई भाजपाई इन सबसे निपटने कि गारंटी दे सकता है यदि नहीं तो फिर कोई भी पी ,एम् बने क्या फर्क पड़ता है |

Thursday, March 20, 2014

प्रमाणिक सत्य

जितना ज्यादा जिस पर भौंकोगे
उतना ज्यादा ही वो सहमेगा
लोगों कि सहानुभूति उसके साथ होगी
क्योंकि जब तुम भौंकोगे  वो नम्र होगा ,
आरोप प्रत्यारोप लगाने से पहले
अपने अंदर झाँक कर देख लेना चाहिए
यदि आपका घर भी शीशे का बना है तो
दुसरे के घर पत्थर नहीं मारना  चाहिए ,
यथार्थ को बार बारअसत्य कहने से
वो कभी भी असत्य  नहीं बन पायेगा
हाँ असत्य को बार सत्य कहने से
उसका सवरूप ही समाप्त हो जाएगा
हमारी वाणी से निकले सुशब्द  ही
हमारे  संस्कारों का बखान करते हैं
जब हम अशुद्ध भाषा प्रयोग करते है
भद्र पुरुष हमको जानवर घोषित करते हैं |


Wednesday, March 19, 2014

झाड़ू

भाजपा के बड़े बड़े नेता और छुटभैये नेता भी अक्सर आपको कहते मिल जायेंगे कि एक झाड़ू कि आखिर उम्र क्या होती है ज्यादा से ज्यादा ४० या ५० दिन और इतने दिन केजरीवाल कि झाड़ू चल गई यानि कि अपनी पूरी उम्र ४९ दिन कि जिंदगी पूरी कर ली यानि कि झाड़ू  ,आम आदमी कि सरकार अपनी पूरी उम्र भोग कर चली गई ,बस अब गई सो गई ,अब थोड़े ही वापस आएगी ,
पर ऐसा कहने वाले लोग ये भूल गए कि जब किसी के घर कि पहली झाड़ू समाप्त हो जाती है तो वो दूसरी ले आता है ,क्योंकि बिना झाड़ू के काम चल ही नहीं सकता ,यानि के सफाई नहीं हो सकती या यों कहिये कि भ्रष्टाचार भी तो साफ़ करना है ,
दूसरा जो मरता है वो जन्म भी अवश्य लेता है ये तो हमारे हिन्दू धर्म में मान्यता है ,जो हिन्दू है वो तो ये जानता ही है या जिसको हिन्दू संस्कृति नहीं मिली वो कैसे जानेगा हिन्दू मान्यता को ,
फिर झाड़ू तो जब से संसार प्रारम्भ हुआ  तभी से इसका आविष्कार हो चुका था और जब तक संसार रहेगा तब तक झाड़ू भी रहेगी  फिर बताओ झाड़ू कैसे समाप्त होगी कोई करना भी चाहे तो भी नहीं कर सकता उसको खत्म करने के लिए तो खुदा को भी १०० बार सोचना पडेगा ,
इसलिए मेरे प्रिय नेताओ अब झाड़ू कि उम्र मत गिनो अपनी उम्र गिनो ,क्योंकि हैम सब खत्म हो जायेंगे नपर झाड़ू खत्म नहीं होगी |
,
अभी दो दिन पहले एक प्रसिद्ध चेनल पर राजनितिक  पार्टीस के सभी प्रकार के किर्या कलापों कि समीक्षा और वार्तालाप चल रहा था लगभग सभी पार्टीस के स्पीकर नेता और पत्रकार उपस्थित थे ,जिसमे भाजपा के सुधांसु मित्तल भी थे ,यददपि वो बहुत ही शालीन भाषा में बातचीत कर रहे थे परन्तु उनके साथ उनकी पार्टी के समर्थक एक वरिष्ठ पत्रकार भी थे जो केजरीवाल जी को बार बार राक्षस कहकर सम्बोधित कर रहे थे और कह रहे थे कि मोदी जी के रस्ते में केजरीवाल जैसे कितने ही राक्षस क्योँ ना आ जाएँ पर वो वाराणसी से जीत कर ही आयेंगे ,यहाँ पर सवाल हारने और जीतने का नहीं है सवाल ये है कि जिन नेताओं के मुख्य मंत्रित्व काल में या प्रधान मंत्रित्व  काल में ना जाने कितने ही नर संहार हुए ,कितने ही हिन्दू ,मुस्लिम झगडे हुए कितने निरीह ,मुस्लिम या हिन्दू मारे गये और ना जाने कितने बच्चे यतीम हो गये ,तो वो आदरणीय वरिष्ठ पत्रकार उन नेताओं को क्य़ा बोलेंगे ,शायद उनकी निगाहों में तो वो देवता ही होंगे क्योंकि जिस आदमी ने आजतक किसी चींटी तक को नहीं मारा और नाहीं मरवाया ,नरसंहार या हिन्दू ,मुस्लिम झगडे तो बहुत दूर कि बात है उसको राक्षस बता रहे हैं ,और उनकी देखा देखि अब भाजपा के छुटभैये से लेकर बड़े नेता तक केजरीवाल जी को फेसबुक पर भी और आम जन जीवन के बीच भी राक्षस बोल रहे हैं ,
मुझे तो अफ़सोस है कि इतने वरिष्ठ पत्रकार होने के बाद ऐसी भाषा  का प्रयोग करना और वो भी एक नेक इंसान के लिए  कितना तर्क सांगत है जबकि एक पत्रकार ने उनको रोकने कि कोशिश भी कि पर उनपर कोई असर नहीं हुआ ,हो सकता है उनका हिंदी का ज्ञान ही अधूरा हो जहां वो देवता को राक्षस और राक्षशों को देवता समझ बैठे हों |
ऐसी पढ़े लिखे लोगों का तो भगवान् भी कैसे भला करेगा

Sunday, March 16, 2014

मोदी जी प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं

राहुल का राहु और केजरीवाल का केतु दोनों ही नरेंद्र मोदी को हराने के लिए जी जान से  लगे हुए हैं और ये भी सम्भावना है कि नरेंद्र मोदी जी वाराणसी से चुनाव हार जाएँ ,तो आधी शक्ति तो उनकी उन्हींकी पार्टी में समाप्त हो जायेगी ,दुसरे नेता उनके विरोध में खड़े हो जायेंगे ,जिसके कारण वो प्रधानमंत्री ना बन पाएं ,|
दुसरे वाराणसी में मुसलामानों कि तादाद भी काफी है जो कि पूरी तरह इनके विरोध में  हैं और मुस्लिम उनको वोट नहीं देंगे ,रही हिन्दू वोटों कि बात तो वो कोंग्रेस ,केजरीवाल और मोदी जी में विभाजित हो जायेंगे ,और मुस्लिम वोट या तो किसी मुस्लिम कैंडिडेट को चले जायेंगे चाहे वो किसी भी पार्टी या निर्दलीय ही क्यों ना हो ,या फिर कोंग्रेस या केजरीवाल को विभाजित हो जायेंगे ,क्योंकि मुजफ्फरनगर काण्ड के कारण मुस्लिम मोदी ही नहीं अपितु भाजपा के विरोध में खड़े हो गये हैं ,वो कहते हैं कि वो अपना वोट गड्डे में फेंक देंगे पर भाजपा कोनहीं देंगे
वैसे भी उत्तर परदेश में अभी तक जितने भी चुनाव होते हैं वो सभी जातीयता के आधार पर ही होते हैं ,यादव वोटो को काटने कि ताकत किसी में भी नहीं है ,दुसरे मायावती के वोटों को भी काटना बड़े खांडे की  खीर है फिर आप सोचिये कि मोदी जी के लिए किसके वोट बचे जिससे कि वो जीत जायेंगे 
कुछ हिन्दू मतदाता भी उनके विरुद्ध हैं क्योंकि भाजपा ने वायदे तो बहुत किये पर राम मंदिर आजतक नहीं बनवा पाये और इस बार तो बनवाने का नाम भी नहीं लिया |
और भी बहुत से समीकरण हैं जो मोदी को प्रधानमंत्री बन्ने में रोड़ा बने हुए हैं ,जैसे कि गुजरात छोड़कर उत्तर परदेश भाग रहे हैं या फिर दो दो जगह से चुनाव लड़ने कि उनकी प्रक्रिया ,

Friday, March 14, 2014

अहंकारी केजरीवाल और उनके साथी

वैसे देखने में तो केजरीवाल जी बहुत ही संयमी ,धैर्यवान ,विनम्र भद्र और व्यवहारिक नजर आते हैं परन्तु कभी कभी वो इतने उग्र हो जाते हैं कि शायद वो ये ही भूल जाते हैं कि कहाँ पर खड़े होकर या किस्से बात कर रहे हैं ,या इस समय उनको क्या कहना चाहिए क्या नहीं ,या कौन व्यक्ति ,संस्था उनके या उनकी पार्टी के फायदे कि है या नुक्सान की,और ये कमी लगभग उनके सभी साथियों में भी है मात्र योगेन्द्र यादव को छोड़कर जो की प्रत्येक बात को अच्छी तरह और परिस्तिथि देखकर करते हैं ,अभी १४/३/१४ को बॉम्बे में  उन्होंने मिडिया वालों को ही कह दिया की यदि "उनकी सरकार बनी तो वो उनको जेल भेज देंगे " शायद केजरीवाल जी नहीं जानते की उनकी राजनीती को चमकाने वाले ये मिडिया कर्मी ही है यदि ये चाहें तो एक दिन में ही इनकी हवा भी निकाल सकते हैं ,और नाहीं मीडिया केजरीवाल जी की नौकर है जो उनकी सुनेगी या उनके चक्कर काटेगी और आज जो आम आदमी पार्टी की तूती बोल रही है वो सदा सदा के लिए शांत हो जायेगी इसलिए केजरीवाल जी और उनके साथियों से मेरी प्रार्थना है की अपने व्यवहार में बदलाव लाएं और जो अहंकार उनके अंदर धीरे धीरे प्रवेश कर रहा है उसको अंदर ना घुसने दे वर्ना ये राजनीती है कोई लाला जी की दुकान नहीं है ,जनता सब कुछ जानती है ,वैसे ही जनता अब आपके अगेंस्ट होती जा रही है |,

Thursday, March 13, 2014

अन्ना जी का अहंकार

अहंकार ने अन्ना हजारे जी को भी जमीन दिखा दी उन्होंने केजरीवाल जी के अलग हो जाने के बाद जो अपना रंग दिखाना  शुरू किया उसके अंदर मुख्य उनका अहंकार ही छिपा था प्रतिदिन कोई ना कोई नै स्टेटमेंट देते रहते थे और केजरीवाल को बदनाम करने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी और अभी कल १३/३/१४ को जो रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में जो अन्नाहजारे और ममता बनर्जी ने कि उससे दोनों कि ही पोल खुल गई वहाँ पर एना जी के नाम पर ५०० लोग भी एकत्रित नहीं हुए ,जबकि उम्मीद लगा कर बैठे थे और इंतजाम भी किया था एक लाख लोगों का ,पर  नतीजा निकला ढाक के तीन पात "जब अन्ना जी को पता लगा कि रैली टॉय टॉय फिस हो गई तो बहाना  बनाया तबियत खराब का ,पर वास्तविकता थी उनके अहंकार को तोड़ना |

Wednesday, March 12, 2014

म्रत्यु भोज

एक बाऱ फिर मैं अपनों के व्यंग्य वाणों से व्यथित होकर म्रत्यु को  प्राप्त हो चुका हूँ अत; सभी फेस बुक मित्रों से मेरी करवद्ध प्रार्थना है कि वो आज शाम ६ बजे तक अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करने हेतु मेरे निवास स्थान दिल्ली में पधारने का कष्ट करें ताकि मेरी अंत्येष्टि में देरी ना हो और मृत आत्मा को शांति भी मिले ,
तेरहवी कि रस्म भी कल १३मार्च २०१४ को सम्पूर्ण होगी ,
म्रत्यु भोज सुबह से शाम तक | 
स्व्पनिल यात्रा

Tuesday, March 11, 2014

केजरीवाल जी का अस्तित्व है ये ही वास्तविकता है

आज हमारे देश की सभी बड़ी और छोटी पार्टियां जैसे की कोंग्रेस ,भाजपा ,बसपा ,सपा ,और कुछ जैसे आर जे डी,जे डी यु ,और कुछ साउथ की भी छोटी मोटी पार्टियां महाराष्ट्र की शिव सेना  ,एम् एन एस ,आदि सभी उस व्यक्ति और उसकी पार्टी के अस्तित्व को नहीं स्वीकारती बल्कि एक सिरे से अस्वीकार करती हैं और ये सभी पार्टियां और इनके बड़े नेता एवं छूट भैये नेता आम जनता के बीच और फेसबुक और ब्लॉगर ,ट्विटर तक पर उसे चोर ,ठग ,बेईमान ,खुिजलीवाल ,कंजरवाल ,गुरु का धोखेबाज ,दिल्ली का धोखेबाज ,झूठी कसम खाने वाला ,बाहर से फण्ड एकत्रित कर खाने वाला और ना जाने किस किस प्रकार का भ्रामक  प्रचार करते हैं ,और कहते हैं की उसका पूरे देश में किसी भी प्रकार का कोई  असर नहीं है ,हमको उससे कोई फर्क नहीं पड़ता और उसकी तो देश में ज्यादा से ज्यादा १ या २ सीट आ पाएंगी या वो भी ना आ पाये ,यदि हैम उनकी ये सभी बातें मान भी लें तो क्या कारण है की कोई देश का बड़ा नेता नया किसी भी ंपार्टी का बड़ा नेता जैसे राहुल या मोदी उसके सामने चुनाव में खड़े होने से डरते क्योँ हैं ,या वो जिस स्टेट में भी पहुँच जाते हैं तो वहाँ एक प्रकार का तूफ़ान सा आ जाता है बड़े बड़े दिग्गज नेताओं की नींद हराम हो जाती है ,यहाँ तक कि वो उससे मिलने से भी मना कर देते हैं ,जैसे कि अभी गुजरात में हुआ ,उत्तर परदेश में हुआ ,हरयाणा में हुआ ,दिल्ली  में तो हो ही चुका है ,महाराष्ट्र में भी तूफ़ान आ चुका है ,कहने का तातपर्य है कि यदि केजरीवाल और उसकी पार्टी और उसके साथियों का कोई रूतबा या असर ही नहीं है तो फिर ये सब घबराहट किस वजह से है ,कहीं ऐसा तो नहीं कि अंदर से सभी दिल्ली कि विधानसभा कि २८ सीट वाली पिक्चर देख रहे हों और ऊपर से अपना डर व्यक्त ना कर रहे हों ,पर ये तो जरूर है कि केजरीवाल कि वजह से मोदी जी के प्रधानमंत्री पद का रायता तो बिखर चुका है अब जो भीड़ दीख रही है मात्र हाथी के दांत साबित होंगे और केजरीवाल कि आम आदमी कि पार्टी का फर्क सभी पार्टियों पर पडेगा ये तो अब पक्का है ,आज भी अंदर अंदर आम आदमी पार्टी कि तूफानी हवा धीरे धीरे चल रही है |

Monday, March 10, 2014

मुझे अफ़सोस इस  बात का है कि भारतवर्ष में ६५ वर्ष के बाद एक देश भक्त ,ईमानदार ,दिल से साफ़ अभ्रष्टाचारी ,देश और सम्पूर्ण समाज का हितेषी ,सेक्युलर ,सदाचारी ,चाणक्य पैदा हुआ ,परन्तु मेरे देश के कुछ  प्रतिशत लोग जो कि उसके ४९ दिनों के किये कार्यों का ठीक प्रकार से विवेचन या विश्लेषण नहीं कर पा रहे हैं अथवा उन विपक्षियों के बहकावे में आकर जो इस देस के वासियों को हमेशा अपना गुलाम बनाकर रखना चाहते हैं और देश को अपने कब्जे में रखना चाहते हैं वो केजरीवाल को बेईमान ,चोर ,ठग ,भ्रष्टाचारी देशद्रोही और ना जाने क्या क्या घोषित कर रहे हैं ,ये सब आपको फेस बुक पर देखने को भली भांति मिल सकता है|
यदि आज इस केजरीवाल को हमने सपोर्ट नहीं दिया तो फिर इस देश के मालिक आज नहीं तो कल वो ही लोग होंगे और फिर भगवन भी हमारी मदद नहीं करेंगे और फिर शायद १०० वर्षों तक कोई नया केजरीवाल पैदा होने का साहस नहीं करेगा |

देशवासियों से अपील

देश के सभी बुजुर्ग ,युवा ,पुरुष और महिला मतदाताओँ से मेरी प्रार्थना है  कि इस बार लोकसभा चुनाव में आपके सामने ख़ास तौर से दो डिब्बे ऐसे हैं जिन पर जंग ,मैल,कीचड और ना जाने क्या क्या   लगा हुआ था  और पिछले 65  सालों में उनका सवरूप  इतना बदल,और घिनोना हो चूका है कि भारत कि जनता उनको मजबूरी में स्वीकार करती रहती है क्योंकि उनके सामने और कोई विकल्प नहीं था और कुछ डिब्बे पुराने होने के साथ साथ अपने क्षेत्रों  से बाहर निकल ही नहीं पाये यानि किजहा वो पड़े थे वहीँ पड़े रहे और जंग ,गंदगी  एवं कीचड में खुद को भरपूर लपेटते रहे और उसी में खुश रहे यानि कि वो किसी भी स्टेट में अपना रूतबा ना जमा सके और तीसरे डिब्बे कि भूमिका अदा ना कर सके ,पर इस बार आनन् फानन में एक नया नकोर स्टील का डिब्बा तैयार होकर आया है जिसपर अभी तक ना तो जंग लगा है ना कीचड यानि कि साफ़ सुथरा है और अपनी सफाई का रूतबा वो १ स्टेट में दिखा भी चुका है यद्दीपी कुछ विद्वान् लोग उसको भी जंग और कीचड लगा बताकर सिद्ध करने में लगे हैं पर सत्य पर कभी भी असत्य का मुलम्मा नहीं चढ़ाया जा सकता |
जब कोई आदमी कुम्हार से मिटटी का घड़ा भी खरीदने जाता है तो उसको भी टोक बजाकर देखता है जबकि उसकी कीमत कुछ सिक्के होते हैं ,फिर आप तो अपना सर्वस्व ,,यानि के अपना सम्पूर्ण अधिकार उन डिब्बों में डालने जा रहे है जिसमे बैठे हुए नेता लोकसभा में जाकर इस देश का संविधान बनाते हैं और अगले ५ साल तक हमारी और आपकी यानि कि पूरे भारतवासियों कि गर्दन इनके हाथ में होती है और फिर हैम कुछ कर भी नहीं सकते यदि ये लोग चाहे तो देश का और देशवासियों का कुछ भी कर सकते हैं ,कैसे ही इस्तेमाल कर सकते है हमको भूखा रख सकते है कमको जरखेरेज कर सकते हैं देश को गर्त में दाल सकते हैं देश को उच्च शिखर पर पहुंचा सकते हैं ,तो मेरी प्रार्थना है कि आप सही डिब्बा देखकर ,यदि हो सके तो ६५ साल पुराने डिब्बों को भूलकर (क्योंकि इनको आपने कितनी ही बार देख लिया है )नए नए डिब्बों को ही चुने तो ज्यादा अच्छा है क्योँ ना एक बार इनको भी देख लिया जाय ,यदि ये भी पहले जैसे ही निकले तो अगली बार इनको भी छोड़ देंगे |

Monday, March 3, 2014

कुछ पाने हेतुं कुछ करना पड़ता है

पथ को पगों से
जितना ज्यादा नापा जाता है
उतना ही अधिक
अनुभव  प्राप्त किया जाता है
पुस्तकों को जितनी बार
जितना ज्यादा बांचा जाता है
उतना बड़ा विद्वान् बन
विद्वत्ता को प्राप्त किया जाता है
अक्षरों  को जोड़जोड़कर
जो वाक्य  तैयार किया जाता है
वो ही एक दिन दोहे बन
रामायण जैसा ग्रन्थ बन जाता है 
विद्वानो से समागम कर
जितना समय बिताया जाता है
अतयधिक ज्ञान वर्धन कर
विद्वानो में सम्म्लित हुआ जाता है |

Saturday, March 1, 2014

वास्तविकता

जिनको  दुत्कारने के सिवाय  
   दो शब्द प्रेम के इस्तेमाल नहीं करते ,
जिनको गले से लगाना तो बहुत दूर
पास बिठाना भी  अच्छा नहीं समझते ,
जो सुबह से शाम तक
कोल्हू के बैल कि भांति रौंदे जाते हैं 
जिनका खून चूस चूसकर
साम्राज्य दर साम्राज्य खड़े किये जाते हैं 
जिनके कंधे पे तोप रखकर
सदैव किसी भी क्षेत्र में गोले दागे जाते हैं
खुद हजारों रोज खर्च करते है
उनको पेट भरने हेतु दिए जाते हैं
अंतिम समय में अर्थी उठाकर
वो ही शमशान घाट पर ले जाते हैं
जिनके लिए अथाह दौलत छोड़ी 
वो मात्र दाग दे, दगाबाज बन जाते हैं