Thursday, June 20, 2013

महाकाल का प्रकोप

कल ,परसों ,और तरसों
जो महाकाल ने प्रदर्शन किया
देव भूमि को नष्ट भ्रष्ट करने का
मानो उन्होंने वचन ले लिया ,
क्या ये प्रलय ,जलप्रलय ,महाप्रलय
आंधी ,तूफ़ान ,भूकम्प  लाकर
अपने हजारों भक्तों को किस दोष का
दंड देकर उनका जीवन लील दिया ,
असंख्य भक्तों को दर्शन दे या बिना दर्शन के

अपने कमल चरणों में स्थान दे दिया
अभिभावकों को अपने बच्चों से
बच्चों को अभिभावकों से प्रथक कर दिया ,
अपने पैरों भी आपने कुल्हाड़ी मारी
हर भक्त के ह्रदय में संशय भर दिया
चार धाम की यात्रा करने का पर्ण लेकर
क्यों अपना कुनबा ध्वस्त कर लिया ,
ये सब आपकी क्रीडा ,लीला देखकर
भक्त का भगवान् से विश्वास उठ गया
जो दिन रेन आपके पगों में पड़े रहते थे
उन्होंने ,आज आपसे अपना मुख मोड़ लिया |

Wednesday, June 12, 2013

अडवानी घटनाक्रम

साथियों की हठधर्मी देखकर ,अडवानी हुए काले पीले लाल
बिना विचारे बिना सोच के ,इस्तीफा भेज दिया तत्काल
अडवानी जी का इस्तीफा देखकर ,पार्टी में छाई घोर  निराशा
२०१४ के चुनाव के बाद राज करने की धूमिल हो गई आशा
बड़े बड़े दिग्गज नेता भाजपा के पहुंचे अडवानी जी को मनाने
भड़क उठे अडवानी जी उन्हें देखकर ,लगे फाड़ कर खाने
एक एक कर पैर पकड़ने लगे ,और लगे कसमे दिलवाने
पर अडवानी जी नहीं माने और लगे अकड़ दिखलाने
अंत में दादा जी आये और लगे उनको बार बार समझाने
उनके बलिदानों की   दी  दुहाई ,तब कहीं अडवानी जी कुछ जाने
सुबह को घर से निकला ,शाम को घर वापस आ जाए
अक्लमंद इंसान वाही होता है कह गये ऐसा सयाने