Monday, January 30, 2017

aavshykta ek aise vykti kee

एक ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता है जो
मोदी जी की भांति झूठ पर झूठ बोल सके और नित  नै  नै फेंक सके ,वर्चस्व के लिए कुछ भी कर सके ,असली मुद्दों को छिपाने में माहिर हो और नित नए मुद्दे तैयार कर सके और जनता को दिग्भर्मित करने में सफल हो सके ,सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करने में माहिर हो ,सुने सबकी पर करे अपने मन की ,देशवासियों से मन की बात करे और गाये आले बाले ,फोटो खिंचवाने का शौकीन हो और कपडे दिन में कम  से कम  १० बार बदले ,देश में कितने ही किसान या लोग ,सैनिक मर जाएँ उनपर एक भी आंसू ना बहाये ,बड़े बड़े दिग्गजों का लोन माफ़ कर सके और किसानों को मारने दे फांसी लगाकर ,एक शर्त और बाल बच्चेदार हो तो उनको छोड़ने में दिल न पसीजे ,पॉलिटिक्स में मास्टर्स की डिग्री होने के बाद भी अपनी शिक्षा १० विन पास बता सके ,
आदरणीय वेंकैया नायडू जी जैसा जो कदम से कदम मिलकर चलने में माहिर और बिना कचौड़ी का गवाह बनने की क्षमता रखता हो
 आदरणीय राजनाथ सिंह जी की भांति चमचागिरी में माहिर हो  जिधर मोदी जी ऊँगली उठा दें उधर आँख मीचकर भागना शुरू कर दे सोचने की जहमत ना उठाये ,
अरुण जेटली जी की भांति उलटे सीधे गलत आंकड़े पेश करने में माहिर हो ,अपने वाक्चातुर्य से जनता को आकर्षित करने में माहिर हो ,पर लोकसभा से कभी जीतकर ना आ सके ,
संबित पात्रा  उर्फ़ लंबित पात्ररा जी की भांति प्रत्येक वाक्य पर कांग्रेस के ६५ साल का गाना गाना  और अपना कम्पेरिजन करना शुरू कर दे ,सुने किसी की नहीं बस सुनाता ही रहे ,
गडकरी जी की भांति बड़े बड़े उद्योग झुग्गी झोपड़ियों में फर्म खड़ी करके करोडो का व्यापार कर सके ,
चाहे तो वो अमित शाह जी जैसा ही हो पर उनके ऊपर कोई दाग लगा हुआ ना हो  या फिर दाग को रातों रात साफ़ करा सके ,राजनीति के नए नए फॉर्मूले ,शाम ,दाम ,दंड ,भेद सभी में अमित शाह जी की भांति माहिर हो
अब ये मत पूछना की उससे हम काम क्या करवाएंगे ,यदि आप पूछोगे तो बता भी देंगे भाइयो ।

ishq

 दफ़न हो जाया करते हैं ,जो इश्क़ फरमाया करते हैं ,
बिना कफ़न  ही मौत के आगोश में सो जाया करते हैं

Saturday, January 28, 2017

modi ji k jhoothe vayde

आखिर मोदी जी चुनावों के समय में बार बार झूठ क्योँ बोलते हैं लगभग ढाई वर्ष पूर्व सांसदों के चुनाव में उन्होंने मोटे  मोठे  ४ या ५ वायदे किये थे जो आज तक पूर्ण नहीं किये गए ,
१, अयोध्या मंदिर यथाशीघ्र बनेगा ,अंध भक्त भी कहते थे की यदि मोदी जी नहीं, तो हम बनवाएंगे ,
अभी तक तो कोई नींव या पत्थर लगा नहीं ,शायद २०१९ के चुनावों में भुनाने का सोच लिया हो ,शायद अंध भक्त तो अब कहीं भाग गए हैं मेरे अकाउंट पर तो काम ही नजर आते हैं शर्म से मुंह छिपाते होंगे बेचारे ,
२ ,धरा ३७० फुल मेजोरिटी मिलते ही हटवा दूंगा ,
खेर फुल मेजोरिटी मिल गई ,पर धारा ३७० तो नहीं हटी ,
हाँ मोदी जी ने सरकार जरूर बना  मैडम से मिलकर ,
३, पाकिस्तान हमारे एक सैनिक का सर कटेगा हम उसके १०० सैनिकों का सर काटकर लाएंगे
हमने तो उनके सैनकों के सर काटे नहीं या कटे भी तो गिने चुने ,पर पाक ने पिछले ढाई साल में हमारे १२६ या १४६ सैनकों को शहीद अवश्य कर दिया ,
और इसके बावजूद नवाज शरीफ भाई के पास बिना बुलाये बिरयानी खाने पहुँच गए ,
दुसरे दिल्ली  के मुख्यमंत्री केजरीवाल को ही मोदी जी ने पाक का नवाज शरीफ मानकर  उसके मंत्रियों को जेल भेजकर पाक से बदला ले रहे हैं ,उस बेचारे का जीना जरूर हराम कर दिया है झूठे प्रचार कर कर के ,
४, प्रधानमंत्री बनते ही महंगाई काम कर दूंगा
जैसे ही वो प्रधानमंत्री बने महंगाई ४ गुनी हो गई और वोट देने वाली जनता त्राहि त्राहि करने लगी ,और ऊपर से महंगाई कम  करने के लिए नोटबंदी और कर दी ,और जनता को वोट देने का मजा भी चखा दिया ,
५,  भ्र्ष्टाचार कम  कर दूंगा और बाहर का सम्पूर्ण दो नम्बर का पैसा लाकर सभी परिवारों को १५ /१५ लाख रुपया दूंगा ,
आज तक तो किसी को चवन्नी तक दी नहीं उलटा चवन्नी के लिए भी भिखारी और जनता को बना दिया

पहले वायदे तो पूरे किये नहीं अब पंजाब ,में कह रहे हैं की सबको २५ रूपये किलो देशी घी और १० रूपये किलो चीनी दूंगा ,
कृपया मोदी जी ये तो बताओ की जो भैंस घी देंगी वो आपने क्या अपने घर गुजरात में पाल राखी हैं या डेल्ही रेसकोर्स के मैदान में ,इतना ज्यादा भी झूठ मत बोलो की जनता आपको वास्तव में ही फेंकू न समझने लगे ,
और क्या चीनी की मिलें आपने अडानी अम्बानी को लगाकर दे दी हैं या बाबा रामदेव को या फिर चीन से चीनी मंगवा कर दोगे जो चीन आपको १० रूपये किलो में सप्लाई करेगा ,
हे भगवन हम अपने झूठे प्रधानमंत्री जी से कैसे छुटकारा पाएं
कहीं ऐसा तो नहीं की झूठ आपकी छटी में पूजा हुआ हो ,या कुंडली में लिखा हो ,
कुछ लोग कहते हैं की जब तक मोदी जी दिन में ५ या १० बार झूठ नहीं बोलते तो उनका खाना  नहीं पचता क्या ये स्तय है ।

Friday, January 27, 2017

economic emergency ne desh ko kiya barabaat

 १९७७ में ईमरजेंसी से पहले कांग्रेसी अंध भक्तों ने स्व  श्रीमती इंदिरागांधी जी उनकी प्रसिद्धि के लिए इतना दिग्भर्मित कर दिया था की वो भी एक प्रकार से डिक्टेटर बन गई और उन्होंने ईमेजेन्सी की रातों रात घोषणा कर दी और उन्होंने  विपक्षि नेताओं को जेल में ठुस्स दिया गया परन्तु देश की व्यवस्था किसी भी प्रकार से न
चरमरा पाई बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में इजा फा हुआ ,
उससे भी कहीं ज्यादा अंध भक्तों ने मोदी जी को उनकी गरिमा के पुल बाँध दिए और वो भी इतने की मोदी जी अपनी यानी की प्रधानमंत्री की गरिमा को ही भूल  गए ,
और मैं  तो कहूंगा उन्होंने विपक्षियों की बुराई कर कर के ,उल्टी सीधी  फेंक फेंक कर  सम्पूर्ण गरिमा को ही खो दिया ,और देश के ऊपर नोटबंदी करके देश पर आर्थिक आपातकाल  ही लगा दिया जिसके कारण देश के लाखों छोटे व्यापारी प्रायः खत्म से हो गए और किसानों ने आत्महत्याएं की ,देश के बहुत से बड़े बड़े बिजनैस मैन देश छोड़कर भाग गए और बहुत सारे भागने की फ़िराक़ में हैं ,क्योँकि उनके धंद्ये बन्द हो चुके हैं या दिवालियापन के कगार पर हैं ,
आज देश में भाजपा की हालात ख़राब है परन्तु अंध भक्त आज भी मोदी जी को ठीक रिपोट पेश  नहीं करते वो मोदी जी आँख मीचकर अपनी धुन में फेंके जा रहे हैं की अभी भी २ साल का  बाकी है चाहें तो मोदी जी अपनी खोई प्रतिष्ठा को प्राप्त कर सकते हैं और भाजपा को ५  प्रदेशों में जीत दर्ज करवा शकते हैं और शायद आगे भी आ जाने की आशा ले सकते हैं
वार्ना तो आगे  अगले १५ साल तक तक शायद कोई नाम लेवा या पानी का देवा ही ना बचे

Wednesday, January 25, 2017

kahawat

एक कहावत है भाई ,स्त्री के सन्दर्भ में ,
"चतुर नारि मूरख को ब्याही
लिखे कर्म को बाँचा करिबे "। ,
आज हमारे समाज में यही सबकुछ हो रहा है ,क्योँकि आज लडकियां लड़कों के मुकाबले सभी कार्यों में चतुर हैं परन्तु जब हम उनकी शादी करते हैं तो अच्छे लड़के मिलते नहीं और अभिभावक  समाज के भय से किसी भी 'ऐरे गैर नत्थू खैरे " के साथ शादी करनेको मजबूर हैं और फिर लड़की जीवन भर अपने भाग्य को ही कोसती रहती है ,।

Monday, January 23, 2017

soochnaarth

कितनी गंदी मानसिकता के लोग फेस बुक पर भरे पड़े हैं जो व्यभिचार की ही बातें करते हैं उनको शायद और कोई अच्छा कार्य तो आता ही नही है ,एक तरफ मित्र कहते हैं और उनको परोसने की कोशिश करते हैं व्यर्थ की बातें वो भी ऐसी जिनका सभ्य समाज से कोई मतलब ही नहीं है ,कितने गन्दे लोग हैं छी छी  ऐसे ओछी प्रकृति वालों से ,इन जैसे लोगों को तो मैं पशुओं की श्रेणी में भी नहीं रख सकता ,यदि ऐसे लोग गलती से आपके मित्र बन भी जाएँ तो उनको अनफ़्रेंड कर दीजिये और हिदायत दीजिये की वो कभी आपसे सम्पर्क न करें ,और यदि कहीं कुछ हो सकता है तो इनकी कंप्लेंट भी करें ,कभी कभी दिल में आता है किऐसे लोगों की वजह से क्योँ न फेस बुक ही छोड़ दी जाए ।

Sunday, January 22, 2017

muhabbat k keede

मुहब्बत के कीड़े जब किसी के
मासूम दिल में कुलबुलाने लगते हैं
रातों की नींद हराम हो जाती है
कुछ अजीब से सपने आने लगते हैं ,
भूख प्यास भी  नहीं लगती
कुछ भी अच्छा नहीं लगता
घर वाले यदि बात भीं करते हैं तो
मुहब्बत के दुश्मन ,नजर आने लगते हैं ,
कहते हैं इश्क़ और मुश्क नहीं छुपता
यदि तुम छिपाते हो उसे किसी से तो
दिन में भी सपने आने लगते हैं ,
लोग हाव भाव देख मजनू बताने लगते हैं ।


Friday, January 20, 2017

sher arj hai

मैंने कभी चाहा ही नहीं तुम्हें
तो फिर मैं तेरा दीदार क्योँ करूँ ,
मासूम अश्क़ों को ना बहा कब्र पे
मैं तो रूह हूँ खुराफात कैसे करूँ ,
बेरहम दिल को किसी मासूम से लगा
उसके दिल को ठंडी तासीर बख्शना
हो सके तो मुआफ़ कर देना मुझे
इस बेरहम जहमत को छुपा के रखना ।