Saturday, July 30, 2016

hamara dhrm maa baapu k prti

हमको अपने माँ पिता की सेवा मात्र ये  देखकर ही नहीं करनी चाहिए कि उन्होंने इस जीवन में हमको दिया क्या है ?,जैसे कि  हमको कितनी शिक्षा दिलवाई ,कितनी धन सम्रद्धि प्रदान की अथवा कितने आनंद के क्षणों से मिलाप कराया ,ये सब कुछ तो बहुत साधारण है ,किसी के अभिभावक बहुत कुछ दे देते और अधिकतर अभिभावक कुछ भी नहीं देते या नाम मात्र को जो उनके पास बच जाता वो  बच्चो को दे देते हैं ,परन्तु सभी के माँ बाप ने हम सबको जो अमूल्य निधि प्रदान की है वो है" इस संसार में हमारा पदार्पण कराना"यानी की हमको जन्म देना ,और बस केवल यही  सोचकर हमको अपने माँ बाप की सेवा सुश्रवा करनी चाहिए क्योँकि ये सबसे बड़ा  ऋण है हम सभी पर अपने माँ बापू का जिसको हम सम्पूर्ण जीवन भर भी सेवा करके नहीं उतार सकते
कांति  प्रकाश चौहान

Thursday, July 28, 2016

WO KOUN THEE


पदचाप सुनी थी प्रंगण से
आवाज आई थी सुरीली सी
श्वेत  वस्त्रों से सुसज्जित
वो कौन थी वो कौन थी
फड़फड़ाते ओष्ठों से
दंतपंक्ति निपोरती
चित्त को आनंदित करती
मधुमती वो सौम्य सी
वो ह्रदयवासिनी थी या
सौंदर्य की थी मूर्ति 
पल में प्रलय सी कर गयी
वो रम्भा थी या उर्वशी

Sunday, July 24, 2016

जिनको आज हम
पैरों से मसल रहे हैं
कभी वो हमारे सरफरोश  थे
पेड़ पर लगे थे तो शांत थे
जमी पर पड़े तो चरमरा रहे हैं
अपने अच्छे दिनों की कहानी को
महाभारत की भांति सुना रहे हैं
मरते दम तक भी अभिमान टूटेगा नहीं
 यही उपदेश देते देते शहीद होते जा रहे हैं ।

Saturday, July 23, 2016

उनकी दरिंदगी की कहानियां बेमिशाल देखो
जो भी जवाब देता है उसी का मुंह लाल देखो ,
है किसी में हिम्मत जो उनको रोककर दिखाए
अगले दिन उसी के घर पर लगा पंडाल देखो ,
मुंह छुपाने के लिए उनको पूरा जहाँ जो पड़ा है
जहाँ भी जाओगे ,वहां उन्हीं का कमाल देखो ,
आधा बीत गया है आधा अधूरा ही रह गया है
पूरा  बीत जाने पर काल का इंतकाल भी देखो ।

Thursday, July 21, 2016

भारत में एक कहावत है कि " अपने यदि मारते भी हैं तो छाँव में डालते हैं "
परन्तु मेरा अनुभव है की "यदि आपने मारते हैं तो ऐसी जगह डालते हैं जहां छाँव तो छोडो ,मुंह में डालने के लिए एक बूँद पानी भी मयस्सर नहीं होता "

Wednesday, July 20, 2016

dosti k naam par Emotionaly black mail ham kis parkar hote hain ya kisi ko karte hain

दोस्तों की प्रतिक्रियाएं
जब दोस्ती की  है तो उम्र भर  निभाएंगे
दोस्त आप जान  भी मांगोगे तो बेहिचक दे देंगे
जहाँ आपका पसीना गिरेगा तो खून बहा देंगे
अरे दोस्त कोई आपकी तरफ कोई आँख उठकर देखेगा तो  फोड़ देंगे
भाई एक बार कुछ कहकर तो देखो
कभी जीवन में जरूरत पड़े तो आजमा  कर देखना
दोस्त हम आपके बिना तो जी भी नहीं सकते
यदि आपको कभी जरूरत पडी खुद  को गिरवी रख देंगे
ये बातें मात्र जब तक की हैं जब तक आप एक दम  ठीक ठाक हैं   है और आपपर कोई विपदा नहीं है और आपकी जेब रुपयों से लबालब भरी है ,और आपके शरीर में भरपूर शक्ति है
इसके बाद खुदा ना खस्ता आपके साथ कुछ उलटा सुल्टा हो जाए तो उन्ही दोस्तों की क्या पर्किर्याएँ होंगी आप खुद ही  लिखोगे


antim patr preysi ko

हम तुम जब
अंतिम बार मिले थे
तब से लेकर आज तक
ज्ञात नहीं तुम कहाँ हो
और मैं कहाँ हूँ ,
पर जो वायदा तुमसे किया था
उसे आज तक निभा   रहा हूँ
हर वक्त  तुम्हारी यादों को
ह्रदय में बसाए हुए हूँ ,
बस इतना ही नहीं
सोते वक्त भी
तुम्हारी मनमोहक छवि को
अपनी पलकों में बसाए  हुए हूँ ,
तुम्हारी कल्पना तो वफ़ा थी
मैं बेवफाई का गम उठाये हुए हूँ
कभी माफ़ नहीं करूंगा  खुद को
एक ये ही जहमत उठाये हुए हूँ
अलविदा ,

Sunday, July 17, 2016

mousam

आज मौसम ने
पलट दिए
चालीस वर्ष पुराने वरखे
जब हम और वो
कभी ऐसे मौसम में
एक दुसरे के
अंक में समा
दिल ही दिलमे
कुछ कुछ छुपाए थे ,

Saturday, July 16, 2016

mera mntvy

हर शख्स कहता है कि
माँ के पगों तले स्वर्ग होता हैं
पर कुपुत्रो के लिए स्वर्ग और
सुपुत्रों के लिए नरक होता है
मैंने जीवन में जो देखा है
वो ही आपके सम्मुख भौंका है  ।

hamaare apne

ज़माना कहता है कि
अपने अपने ही होते हैं
पर मैं कहता हूँ कि
कत्ल भी अपने ही करते हैं ।
खून अपने खून की
और को ही दौड़ता है
अब अपनों का खून भी तो
पानी पानी हो गया है ,
जब तक उनको जरूरत है
तुम्हारी और दौड़ते रहते हैं
जरूरत पूरी हो जाने पर
फिर तुमको खचेडते हैं ,



Saturday, July 9, 2016

हुस्न बानो को हुस्न के दीवानों ने
हुस्न बानो बना दिया
उसने भी एक एक कर सभी को गले लगा
एक एक कर सभी का लहू पीया

Friday, July 8, 2016

किसी के दर पे टपकने से तो अच्छा है
उसे अपने दड़बे पर ही बुला लो
करते हो  यदि उससे पाक मुहब्बत
तो उसे अपने जिगर में ही बसा लो

Sunday, July 3, 2016

 इस हुस्न की तुमने हमेशा इबादत की है
देखें गले से भला लगाते कब हो ।

तुम्हारी मुहब्बत तो चांदनी  रातें हैं
फिर दिन में नजर छुपाते क्योँ हो ।

Saturday, July 2, 2016

उन्होंने मेरी आँखों में
ना झांक कर देखा कभी
 बस यूँ ही कह दिया
झील से गहरी हैं तेरी आँखें
 मुझे खौफ है कि
कहीं डूबकर मर न जाएँ
जो मेरी बिल्लौरी  आँखों ने
दे दिया उनको धोखा   ।