Sunday, May 6, 2018

SHER




लुप्त कर लो संताप, रंग पुष्पों में जैसे 
छुपा लो जख्म जिगर में पुष्प छुपाते पराग जैसे | 

dalit ke ghar dawat



दलित के घर दावत


आप मेरे घर आते हैं मालिक
अपने खाने हेतु भरपूर सामान लेकर
मुझे तो इतना भी हक़ नहीं कि मैं उसे पका सकूँ
पकाने के लिए  रसोइया भी साथ होता है,
मुझे तो आप साथ बिठाते हैं फोटो खिचाने के लिए
ताकि मैं कल को बिन कचोरी का गवाह बन सकूँ
जनता को ये बताने के लिए ,कि आप अच्छे हैं
तभी तो आप आप दलित के घर आये भगवान् बनकर |  

ek dalit



एक दलित ,
हम गरीबों के पास तो
अपनी जुबाँ भी नहीं होती मालिक
आप जो भी कुछ बोलते हो
हमको तो उसे ही बोलना होता है

Saturday, May 5, 2018


 नेता जी का भाषण 

दूर से बहुत दूर से ,
जोर जोर से चीखने जैसी आवाज 
मैंने सोचा शायद 
कोई मदद हेतु पुकार रहा है ,
फिर भी संशय दूर करने हेतु 
एक पथिक से पूछा 
भाई वहाँ क्या हो रहा है 
तो तपाक से चीखा, 
स्वार्थी ,निर्लज्ज 
धूर्त पाखंडी
भ्र्ष्टाचारी ,अहंकारी 
गाल बजा रहा है , 
अपनों को भी धोखा देने वाला  
जनता को झूठे प्रलोभन  देकर  
जनता का अधिकार छीन्ने का 
प्रयत्न  कर रहा है |  



Friday, May 4, 2018

seva kar lo

बाबा अमर नाथ" पिता श्री ,और माँ विष्णो देवी मातु श्री"

आजकल एक प्रचलन सा हो  गया है कि बच्चे ,जवान ,और अधेड़ सभी  कभी बाबा  अमरनाथ तो कभी माँ वैष्णो देवी के दर्शन करने हेतु जाते रहते हैं और कुछ लोग तो प्रति वर्ष भी जाते हैं और हाजरों रूपये भी खर्च करके आते हैं और हजारो ,लाखों तक का चढ़ावा भी चढ़ाकर आते हैं ,
जब की उन्ही के घरों में उनके बूढ़े  माँ बाप ,यतीमों जैसी जिंदगी व्यतीत करते हैं ,क्योँकि ये ही  लोग उनको  समय पर खाना ,कपडे या  दवाइयां तक भी मुहैया नहीं कराते और उनके सामने पैसों और आय का रोना रोते  रहते हैं ,जब कि  माँ बाप  ही के  दिए धन से इनकी अलमारियां लबालब भरी होती हैं ,
तो मेरा कहने का तातपर्य ये है कि जब बाबा अमरनाथ जी यानि की उनके पिताजी ,और माँ वैष्णो देवी यानी की माता जी घर में ही विराजे हैं तो फिर दोनों जगहों पर जाकर हजारों रुपए खर्च और दान करने की क्या जरूरत हैं ,यदि उतना  पैसा  ही माँ बापूं पर खर्च कर दिया जाए तो क्या  बाबा अमरनाथ और माँ वैष्णो देवी खुश नहीं होंगी ,
मेरे विचारों में तो माँ बाप की सेवा सुश्रवा करने मात्र से सभी देवी देवता अति प्रसन्न होते हैं इसलिए कहीं भी दुर्गम स्थानों पर जाने की कोई  जरूरत ही नहीं है ,
इसलिए घर में पधारे बाबा अमरनाथ और माँ वैष्णो देवी की सेवा कर लो जो भी आपको चाहिए बिना मांगे ही स्वत्: प्राप्त हो जाएगा | 

Saturday, March 31, 2018

bhrm jaal




भृमजाल

परिहासपूर्ण आभा मुख पर
काहे विक्षिप्त किसी को करती हो ,
अपने मृग सम नैनों से
काहे घायल कवियों को करती हो
दर्शा कर अपनी वक्रित चाल
मत फैलाओं नृत्य का भरम जाल |



काहे कुटिल मुस्कराहट रख ओष्ठों पर
काहे रूप धारा अति विकराल
क्या नैनों के वाणों से मारोगी
या बन जाओगी तुम महाकाल
या रूप लावण्य का फैला जाल
क्या सौंदर्य का है भरमजाल | 

Friday, March 23, 2018

a great haqer


एक महान  हैकर ,


देश का एक महान व्यक्तित्व धारणानुसार ,गरिमायुक्त पदासीन ,सार्वभौम ,त्वरित बुद्धिचातुर्य , ,एकल बुद्धि,विदेशी प्रीत  ,सांसारिकता से दूर मात्र भृम ,स्वादिष्ट व्यंजन पसंदीदा ,परन्तु संसार को हैक करने में सामर्थ्यवान ,और इसका ताजा उदाहरण पिछले कुछ वर्षों से अपने देश की समस्त  सार्वजानिक और सरकारी संस्थाओं को अपनी कनिष्ठिका ऊँगली पर नचाकर संपूर्ण देश को दिग्भर्मित किया हुआ है ,और अनुयायी उसकं गुणगान करते थकते नहीं वहीँ विपक्षी भर्त्स्ना करने में सकुचाते नहीं क्या इस महात्मा स्वरूप व्यक्ति के बारे में बिकाऊ मिडिया कुछ देश वासियों  को बताएगा और उसका प्रतिबिम्ब या नामोच्चारण करेगा |