Saturday, March 31, 2018

bhrm jaal




भृमजाल

परिहासपूर्ण आभा मुख पर
काहे विक्षिप्त किसी को करती हो ,
अपने मृग सम नैनों से
काहे घायल कवियों को करती हो
दर्शा कर अपनी वक्रित चाल
मत फैलाओं नृत्य का भरम जाल |



काहे कुटिल मुस्कराहट रख ओष्ठों पर
काहे रूप धारा अति विकराल
क्या नैनों के वाणों से मारोगी
या बन जाओगी तुम महाकाल
या रूप लावण्य का फैला जाल
क्या सौंदर्य का है भरमजाल | 

Friday, March 23, 2018

a great haqer


एक महान  हैकर ,


देश का एक महान व्यक्तित्व धारणानुसार ,गरिमायुक्त पदासीन ,सार्वभौम ,त्वरित बुद्धिचातुर्य , ,एकल बुद्धि,विदेशी प्रीत  ,सांसारिकता से दूर मात्र भृम ,स्वादिष्ट व्यंजन पसंदीदा ,परन्तु संसार को हैक करने में सामर्थ्यवान ,और इसका ताजा उदाहरण पिछले कुछ वर्षों से अपने देश की समस्त  सार्वजानिक और सरकारी संस्थाओं को अपनी कनिष्ठिका ऊँगली पर नचाकर संपूर्ण देश को दिग्भर्मित किया हुआ है ,और अनुयायी उसकं गुणगान करते थकते नहीं वहीँ विपक्षी भर्त्स्ना करने में सकुचाते नहीं क्या इस महात्मा स्वरूप व्यक्ति के बारे में बिकाऊ मिडिया कुछ देश वासियों  को बताएगा और उसका प्रतिबिम्ब या नामोच्चारण करेगा |  

Thursday, March 22, 2018

बड़ा आदमी बनने के लिए .

कोई भी व्यक्ति तब तक बड़ा आदमी नहीं बन  सकता जब तक की वो किसी बड़े व्यक्ति की कब्र या छाती पर पैर रखकर नहीं गुजरता  क्षेत्र कोई सा भी क्योँ ना हो ,

Sunday, January 7, 2018




मुस्कराहट किसी के भी ह्रदय को वश में करने का सबसे बड़ा हथियार ,
दुश्मन भी पस्त हो जाते हैं 

मूर्खता से बचने का एकमात्र उपाय 

जब आप किसी के प्रश्नों का उत्तर देने में असमर्थ हो तो आप शांत भाव से ,सौम्य मुद्रा में चुप रहिये ,वो व्यक्ति स्वयं अपने प्रश्नों  के उत्तर ढूंढ़ने में लग जाएगा ,और आपके बारे में भी स्वयं धारणा निर्धारित कर लेगा
परन्तु इतना मैं अवश्य कह सकता हूँ की वो आपको मुर्ख नहीं समझेगा ,परन्तु मुंह खोलने  पर आप स्वयं को मुर्ख अवश्य सिद्ध कर दोगे क्योँकि आपके पास जवाब नहीं है   

Thursday, January 4, 2018

priytam


प्रियतम
अभी अभी तो गया है वो
मुझे अपनी यादों का सहारा देकर ,
और प्रमाण पत्र भी दे गया है
मुझसे अपने सात ,फेरे कराकर
अब उसकी यादों को रक्खूंगी
सदैव अपने पल्लू में बांधकर
जब भी याद आएगी उनकी तो
पल्लू से पौंछ लुंगी अश्रु बहाकर 

lokoktiyan



गरिमा ,मर्यादा ,प्रसिद्धि ,
पैसे के बल पर होती सिद्धि |


बुद्धि, ज्ञान, बल ,और अक्ल
पैसा  है इन सभी का सम्बल | 


पैसे तेरे तीन नाम  ,
परशु, परसा, परशराम |  


भीतर ही भीतर
सुलग रहा है
आम आदमी
देश के हालात देखकर
क्योँकि आपातकाल का भय
उसे शनै शनै डस रहा है |