Monday, April 28, 2014

मोदी &कंपनी ऐन डी ऐ का शेयर २७४ से घटकर २५२ रह गया ,

मोदी &कंपनी ,ऐन डी ऐ का शेयर २७४ से घटकर २५२ रह गया ,जानते हैं क्योँ ?
क्योँकि बनारस की रैली की भीड़ देखकर मोदी जी का अहंकार उनके सर पर चढ़कर बोलने लगा और उनकी ढाई गज की जुबान बिना कुछ सोचे समझे जो मन में आया उगलने लगी ,और वो ये भी भूल गए की वो भावी प्रधानमंत्री हैं इसलिए पद की गरिमा के अनुसार उनको संयम बनाकर रखना पडेगा ,आदरणीय मनमोहन सिंह जी की तरह ,पर वो मूक प्रधान मंत्री तो बन्ना ही नहीं चाहते इसलिए उन्होंने ,दुसरे नेताओं  पर अनर्गल आरोप लगाने शुरू कर दिए जैसे की प्रियंका के पति वडेरा,भाई राहुल ,माँ सोनिया ,केजरीवाल ,ममता बनर्जी ,आजमखान ,फारुख अब्दुल्ला ,अहमद पटेल ,म्युलायम सिंह यादव ,नितीशकुमार ,लालू यादव ,और यहां तक कहा की यदि ऐन डी ऐ की सरकार आई तो ये सभी जेल किम हवा खाएंगे ,जब मोदी जी ने इतना कहा तो उन सभी ने भी मोदी और भाजपा पर आरोप लगाने शुरू कर दिए वो कब चुप बैठने वाले थे उनमे प्रियंका मोदी पर भारी पड़गई और ममता भी भारी पड़ गई ,इसने मोदी & कंपनी की धज्जियां उड़ा दी ,जिसका परिणाम पंजाब की  मोदी जी की रैली में भी देखने को मिला वहाँ आदमी तो क्या परिंदे भी नहीं थे ,कारन था जब मोदी के विपक्षियों ने धज्जियां उड़ाई तो जनता में संदेश गलत गया और जनता इस तुरुप  के पत्ते को समझने लगी जिसके कारन इनका शेयर गिरने लगा ,और यदि मोदी जी ने ढाई गज की जुबान बंद ना की तो हो सकता है इनका शेयर कहीं २०० को ही ना छूने लगे ,ये जनता है सब जानती है फिर मोदी का ५६ इंच का सीना भी कुछ काम नहीं आएगा,
दरअसल आर एस एस ने जिस रेस के घोड़े पे दांव लगाया उसे वैसे खाना पीना ,कपडे पहनना ,बोलना भाषण देना तो सबकुछ आता है पर उसकी ढाई गज की जुबान जब कैंचिं की तरह चलती है तो नुक्सान दे जाती है इसलियें उस जुबान पर लगाम लगानी चाहिए थी और वो भी इसलिए है क्योँकि उनकी तालीम कुछ  कम है यदि तालीम थोड़ी ज्यादा होती तो ये ओवर कॉन्फिडेंस की नौबत नहीं आती और शेयर ना गिरता और सरकार भी बन ही जाती ,अभी तो ससय ही है |












नेता क्या क्या कहते हैं मोदी जी के बारे में

शंकराचार्य  जी ने कहा कि, "एक चाय बेचने वाला देश का प्रधान मंत्री नहीं बन सकता ,
प्रियंका जी ने कहा कि , देश ५६ इंच की छाती से नहीं चलता उसको चलाने के लिए भेजा चाहिए ,अब पता
                                    नहीं वो मोदी जी के पास है या नहीं ,
प्रियंका जी नेम कहा कि ,"नारी कि रक्षा का दम्भ भरने वाले मोदी छुप छुप कर नारीयों के फोन सुनते हैं ,
आजम खान जीमने कहा ,"खून करने वाले को क्या खुनी ना कहूँ तो और क्या कहूँ ,
सोनिया जी ने कहा कि ,"मोदी खून के सौदागर हैं और गोधरा काण्ड को लोग अभी भूले नहीं हैं ,
मुलायम सिंह जी ने कहा कि ,"मोदी के पास काम से काम ४०० कुर्ते  यानी कि इतने जोड़े हैं ,दिन में दस दस
                                      बार कपडे बदलते हैं ,
रशीद अल्वी जी ने कहा कि ,"मोदी जी ,भाजपा के पास पैसे है खर्च करने के लिए हमारे पास इतने पैसे नहीं हैं ,
लालू जी ने कहा कि ,"      मोदी वोदि कुछ नहीं है वो तो नोटंकीवा है लुटेरा ,
शेख अब्दुल्ला जी ने कहा कि ,"यदि मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो काश्मीर पाकिस्तान को चला जाएगा ,
महाराजा गायकवाड़ ने कहा कि ,"मोदी ने गुजरात का कोई विकाश नहीं किया ये सब सफ़ेद झूठ है ,
उमा जी ने कहा था कि , "    मोदी विकास नहीं विनाश पुरुष है ,
आडवाणी जी ने राजनाथ जी को लिखा था कि ,'"अब भाजपा में रहते हुए मेरा दम घुट रहा है .
सुषमा स्वराज ने कहा कि ,"मेरे मना करने के बाद भी मोदी जी बहुत से ऐरे गेरे नेताओं को स्थान दिया ,
एक और नेता ने कहा कि ,'मोदी जी अपना घर तो संभाल ना सके वो देश को क्या संभालेंगे ,
एक और नेता जी ने कहा कि ,"सोनिया जी कि चाबी का गुड्डा जाएगा और आर एस एस क़ी चाबी का गुड्डा
                                        आ जाएगा ,,बात तो वहीँ क़ी वहीँ रहेगी ,
मायावती जी ने कहा क़ी ,"हम किसी भी हालात में मोदी को देश का प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे ,
एक मौलाना साहब ने कहा कि," मोदी फिरकापरस्त व्यक्ति है जिस पर यकीन नहीं किया जा सकता ,
बनारस के चुन्नू महाराज जी ने कहा कि ,"काम निकल गया पहिचानते नहीं" ,दरअसल उनको नोमनेशन वाले दिन
                                                  नाम उद्धृत करने हेतु लाया गया था पर उसके बाद नाही उनसे बात  नाही
                                                    उनको घर छुड़वाया
एक मुस्लिम नेता ने कहा कि,यदि मोदी देश के प्रधान मंत्री बने तो देश में हिन्दू ,मुस्लिम झगडे शुरू हो जाएंगे ,



















Saturday, April 26, 2014

एक लोकोक्ति

जो व्यक्ति या नेता अपने थोड़े से फायदे के लिए झूठे ,टुच्चे ,लुच्चे और कमीने ,बिना पैंदी के (लोटा राम )अथवा परिवार द्रोही ,राज द्रोही देशद्रोही ,स्वार्थ के लिए दल बदलू ,व्यक्ति या नेता से मित्रता करता है वो व्यक्ति या नेता कभी भी वचबद्ध या बुद्धिमान ,देश भक्त या देश प्रेमी कभी भी नहीं हो सकता और देश उसके हाथों में कभी भी सुरक्षित नहीं रह सकता और कभी भी किसी भी समाज के प्रति उत्तरदायित्व को सम्पूर्ण नहीं कर सकता ,यदि हो सके तो उस वयक्ति के पदचिन्हों का अनुसरण ना करें वरना उसके साथ साथ ,उसके अनुयायियों का भी हश्र उसके जैसा ही पतनगामी होगा |   
                                                     " छोटा मुंह और बड़ी बात "

Friday, April 25, 2014

वाह रे केजरीवाल

भारत माँ के लाल
तूने कर दिया कमाल
भाजपा और कोंग्रेश
दोनों को धकिया कर
कर दिया धमाल
वाह रेअरविन्द  केजरीवाल ,
दिल्ली में सरकार बनाकर
४९ दिन सरकार चलाकर
भ्र्ष्टाचारियों को सबक सिखाकर
घोटाले बाजों को चने चबवाकर
सबका किया हाल बेहाल
वाह रे अरविन्द केजरीवाल 
बिजली के कनेक्शन जुड़वाकर
पानी का समाधान कराकर
रातों रात रेन बसेरे बनवाकर
गरीबों को सर्दी से बचाकर
बन गए उनके लिए ढाल
वाह रे अरविन्द केजरीवाल ,

मात्र ४९ दिन के राज काज से
दिल्ली में आ गए भूचाल
आपकी गवर्नेस को देखकर
विपक्षियों के हो गए गाल लाल
फिर दिखलाया उन्होंने
अपना असल रूप विकराल
वाह रे अरविन्द केजरीवाल ,
विधान सभा में शोर मचाया
अपशब्दों का जाल फैलाया
कांग्रेस ,भाजपा दोनों ने मिलकर
केजरीवाल को खूब छकाया
स्पीकर के अधिकार छीनकर
उसको भी खूब रुलाया
कुछ ना बोला धरती का लाल
वाह रे अरविन्द केजरीवाल 
  सरकारी दफ्तरों में अब तक
चल रही थे जो कछुआआ  चाल
तुम्हारी कार्य शैली देखकर
सभी चलने लगे खरगोश चाल
दलाली हुई बंद भागे सभी दलाल
वाह रे अरविन्द केजरीवाल
जनरल लोकपाल बिल को
विधान सभा में पेश कराकर
भाजपा और कांग्रेस से
बिल को सहमति ना पाकर
मुख्य मंत्री कुर्सी को ठोकर मारी
खुद को कर लिया स्वयं हलाल
वाह रे अरविन्द केजरीवाल |















Tuesday, April 22, 2014

मोदी जी काबिले तारीफ़

एक बात के लिए तो नरेंद्र मोदी जी तारीफ़ करनी पड़ेगी की लाइन में सबसे पीछे खड़े होने के बावजूद भाजपा के बड़े बड़े पुराने और नए धुरंधरों को धोबी पाट से  पटकी देकर सबसे आगे जाकर खड़े हो गए और सभी पुराने पापी जो प्रधानमंत्री बनने के ख्वाब देख रहे थे चारों खाने चित्त होकर चुप चाप खड़े होकर देखते रह गए और अब जो भी मोदी कहते हैं उन्हें केवल हाँ में सर हिलाना होता है ,
जजैसे कांग्रेस में सोनियाँजी के सामने कोई बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता,अब भाजपा में भी मोदी जी के सामने नहीं बोल पायेगा ,अब आया असली लोकतंत्र ,मेरा भारत महान "

Monday, April 21, 2014

मोदी उवाच

जी हाँ मोदी जी कहते है कि:=     मोदी उवाच
आप मुझे वोट दो मैं आपका भाग्य बना दूंगा ,भाग्य बनाने में माहिर हूँ ,बहुत बड़े बड़े लोगों के भाग्य मैंने बना दिए और किसी को पता भी नहीं चला
मै देश की सेवा करने हेतु जीवन भर ब्रह्मचारी रहा रहा ,(पोल खुलने सेपहले कहा )वैसे स्नूपगेट में मुझ पर  आरोप लग रहे हैं
मैं वंशवाद  को बढ़ावा नहीं दूंगा चाहे कुछ भी हो जाए ,नहीं तो जनता मुझपर भी आरोप लगाएगी ,
मैंने ४५ साल से पत्नी से नाता नहीं रखा फिर शादी कैसी ,७ फ़ैरो से शादी हो गई पर गौना तो नहीं हुआ ,
मैंने बचपन में भुने चने खा खा कर जीवन यापन किया है ,तभी तो ६३ साल में जवानी फुट फुट कर निकल रही है
मैंने ट्रैन के डिब्बे में घूम घूम कर चाय बेचीं है ,खाली चाय ही या और भी कुछ बेचा था ,क्योँकि गुजरात की ट्रेनों में कुछ और भी बिकता है जिसको गांधी जी ने बेन करवा दिया था
मेरी माँ ने मुझे घरों में  झाड़ू और बर्तन मांजकर पाला पोषा ,तभी तो अहंकार फुट फुट कर भरा हुआ है
केजरीवाल तो सड़क पे झाड़ू लगाकर दिखा रहा है मैंने तो बचपन में माँ के साथ जाकर घरों में झाड़ू लगाकर देश की सेवा कीथी,और अब दिन में १० दस बार कपडे बदल कर देश की सेवा कर रहा हूँ ,बहुत कपडे हैं मेरे पर
आज तक गुजरात जितने भी किसान मर चुके हैं मर गए पर अब कोई भी किसान गुजरात में ही नहीं बल्कि देश में भी कोई किसान नहीं मरेगा ,तड़पने में तो कोई बुराई नहीं है ना ,
संविधान के दायरे में रहकर राम मंदिर अयोध्या में अवश्य बनेगा ,मैं बनवाऊंगा ,पर समय नहीं बताऊंगा
मैं देश को उस शिखर पर पहुंचा दूंगा जिसकी आपने कल्पना भी नहीं कि होगी ,वो समय बताएगा ,डूबोगे,या तेरोगे,या भागोगे ,
अब अच्छा समय आने वाला है ,क्योँकि मोदी जी अब आपके भगवान बन गए हैं ,
कांग्रेस ंकाऔर  कोई नाम लेने वाला नहीं मिलेगा , पप्पू बेचारा तो टॉफ़ी वाला है ,माँ का लाडला है ना ,
गुजरात मॉडल क्या है ?  मैं खुद गुजरात मॉडल हूँ आपको वो तो देखने से ही पता चल रहा होगा
सोनिया के दामाद वडेरा ने ५ साल में १ लाख के ३०० करोड़ बनाये,पर हमको बनाने नहीं आते तो क्या करें ,वैसे हमने भी पिछले १४ दिन में भागते भागते १४ लाख तो कमा ही लिए ,१० अप्रैल को मेरी कैपिटल १करोद ५१ लाख थी जो २४ अप्रैल को बढ़कर १ करोड़ ६५ लाख हो गई ,अब मैं ये नहीं बताऊंगा की मेरा बिज़नेस क्या है जिसमे इतना अच्छा प्रॉफिट है
मेरी माँ आज भी १०बाई १०  फ़ीट के कमरे में रहती है ,ये उनकी मजबूरी है क्योंकि सी एम की माँ है ना ,
भाई आज भी परचून कि दुकान करता है ,उसका भाग्य तो मै नहीं बदल सकता ,जैसा किया वैसा भर ,
लड़की बचाओ लड़की पढ़ाओ ,शादी करो ,छोड़ कर भाग जाओ ,और ब्रह्मचारी बन ,त्यागी बन जाओ ,
मई रास्ते में जाता हुआ यदि किसी से पानी भी पी लूँ तो सोचता हूँ कि उसका अहसान मंद हो गया ,अब उसको कितनी कहाँ जमीन दूँ ताकि उसका अहसान उत्तर जाय ,
मैं स्त्री रक्षा का परं लेकर आया हूँ और हमेशा रक्षा करूंगा ,पर शादी कभी नहीं करूंगा 
आर एस एस संगठन ही मेरा माँ बाप है ,मैं उसके लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ ,एक सच्चे सेवक कि भांति ,
आदरणीय मोहन भगवत जी का वरदहस्त मेरे शीश पर है ,वैसे मेरी एक माँ गाव में भी रहती है ,


Thursday, April 17, 2014

हमारे नेता श्री नरेंद्र मोदी

आदरणीय नरेंद्र मोदी जी की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन क्या है शायद उनके साथी नेता या समर्थक अथवा कार्यकर्ता कोई भी नहीं जानता, क्योँकि कोई बताता ही नहीं ,
हाँ एक दिन एक चैनल पर मोदी जी ने ये अवश्य कहा था कि उनकी प्रारम्भिक शिक्षा बड़ोदरा में हुई थी ,इससे लगता है कि वो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं ,
वैसे पढ़ते लिखते भी कैसे जो बच्चा दिन भर रेल के डिब्बे में चाय बेचेगा वो पढ़ेगा कब ,
वैसे भी उनको इसकी जरुरत भी नहीं थी क्योँकि वो तो योगी और त्यागी पुरुष हैं इसलिए उनको आंतरिक बुद्धि का भण्डार है ,
पत्नी यशोदा को शादी के तुरंत बाद उन्होंने छोड़ दिया क्योँकि ज्यादा समय अपने पास रखते तो २ ,४मुटमुन्ने पैदा हो जाते तो फिर देश कि सेवा कैसे करते और त्यागी पुरुष कैसे कहलाते ,
अपनी माता जी को इसलिए साथ  नहीं रखा क्योंकि और भी तो उनके २ भाई हैं उनका भी तो माँ के प्रति कुछ फर्ज बनता है या फिर सारा नरेंद्र जी ही करें ,ये क्या काम है कि साल में एक या दो बार मिल आते हैं ,आ था
भाइयों को इसलिए मुंह नहीं लगाया कि सब जानते हैं कि कोई भाई कभी किसी का हुआ है ,ओरंगजेब ने अपनेम सभी भाइयों को मरवा दिया था ,कहीं ऐसी कहानी मेरे साथ हो जाती तो देशआ गुजरात model कि सेवा कौन करता , और गुजरात को स्वर्ग इसलिए बना दिया क्योँकि  वो तो पहले से ही स्वर्ग जैसा था उसका नाम पहले सौराष्ट्र था ,पता है इसका मतलब क्या होता है ,सबसे अच्छा राष्ट्र या राज्य ,उसमे मैंने थोड़ी सी उठा पटक और कर दी और नाम दे दिया गुजरात मॉडल ,अब आप तो जानते ही है मेरे समर्थक कैसे हैं ,
वाराणसी से इसलिए लड़ रहा हूँ क्योँकि मुझे पता था कि शायद में बड़ोदरा सीट से या गुजरात में कहीं से ना जीत पाऊँ क्योँकि विधायक का चुनाव तो २५ या ३० हजार वोटों से जीता जा सकता है पर सांसद हेतु काम से काम ३ से ४ लाख वोट तो चाहिए ही ,तो हमने सोचा कि जोशी जी कि वाराणसी कि सीट सबसे अच्छी सीट है वहाँ से तो जीत ही जाएंगे ,पर ये क्या पता था कि ये झाड़ू वाला वहां भी पहुँच जाएगा फिर बड़ोदरा ही भागना पड़ा ,अब कहीं ना कहीं से तो जीत ही जाऊंगा
आपने भाजपा के सभी बुजुर्ग नेताओं को किनारे क्योँ कर दिया ,दरअसल ये लोग कुछ कर तो सकते नहीं ये रास्ते के रोड़े हैं इसलिए इनको हटाना जरूरी है ,अब अगली बार ये कान नहीं फटफटाएँगे
वैसे आर एस एस वालों ने क्या कहा ,उन्होंने कहा है कि जो चाहो सो करो ,चाहे जितना पैसा खर्च करो पर पी एम बनो
पर आपने १० १५ हजार करोड़ रुपया विज्ञापनों पर खर्च कर दिया इतना पैसा कहाँ से आ रहा है ,अब साड़ी बाते आपको क्योँ बता दूँ ,बाकी बाते पर्दानमंत्री बनने के बाद होगी |



Wednesday, April 16, 2014

होने वाले P M मोदी

मैं भाजपा के डिक्लेअर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी और भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह जी और किसी भी माननीय नेता या कार्यकर्ताओं से प्रार्थना करता हूँ कि क्या इनमे से कोई भी ये वायदा कर सकता है कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बन जाने पर वो निम्नलिखित मात्र दो या तीन कार्य सम्पूर्ण कर देंगे :=
नो १  क्या वो धारा ३७० ,जम्मू काश्मीर से हटा देंगे
नो २ ,क्या वो अयोध्या में उसी स्थान पर राम मंदिर बनवा देंगे ,
नो ३ क्या वो पाकिस्तान को सबक सिखाकर अपना दबा हिस्सा वापस ले लेंगे ,
नो ४ क्या चीन को सबक सिखाकर अपना दबा हुआ क्षेत्र छीन लेंगे और औनचल प्रदेश से उनका दवा निरस्त करा देंगे |
यदि ये चारों काम नहीं करा सकते तो फिर कुछ भी नहीं करा सकते बाकी तो भाड़ झोकने जैसा है वो कोई भी आये मोदी या बोदी,केजरी या राहुल क्या फर्क पड़ता है ,जनता ने रोटी कमाकर ही खानी है ,इन पाएं ने तो खिलानी है नहीं |

अहंकार नष्ट कर देता है

मैं आपसे तीन बार पूछता हूँ की मोदी जी क्या हैं ?
क्या वो शेर हैं ,
क्या वो हाथी हैं ,
क्या वो सियार हैं ,
आपने दो पर टिक मार्क करना है की वो क्या हैं ,
हम ये सवाल जनता से भी पूछ चुके हैं ,और वो भी मोदी जी के समर्थकों से ,
सभी के जवाब थे , १ वो शेर हैं २ वो हाथी हैं ,
और हमको पता है की आपके भी ये ही दोनों जवाब होंगे
दोनों ही जवाब माकूल हैं ,अच्छे हैं ,साहस के ,ताकत के ,बहुत कुछ कर गुजरने के परिचायक हैं ,
जो ठान लेते हैं karke ही chhodte हैं ,
पर ओवरकॉन्फिडेंस हैं ,अहंकार झलकता है ( बस ये ही दुविधा का विषय है )
क्योंकि शेर और हाथी में भी अहंकार पूरी तरह भरा होता है ,जिसके कारण उनको बहुत बुरे दिन देखने पड़ते हैं,
और ये अहंकार ही मोदी जी के भाषण ,बोल चाल ,चाल ढाल सभी से टपकता है ,
और कहते हैं की अहंकार नष्ट कर देता है ,कहते हैं अहंकार तो रावण का भी नहीं रहा ,फिर आम आदमी की तो बात ही क्या है 

 
 

Tuesday, April 15, 2014

शान्ति दूत ईंट चूना,पत्थर सीमेंट

ईंट ,चूना ,पत्थर ,सीमेंट से
कोई भी नहीं पूछता
तुम कहाँ जा रही हो ,
किसके घर जा रही हो .
किसके इबादतख़ाने जा रही हो
किसकी धर्मशाला में जा रही हो
उसे ना हिन्दू से कुछ लेना है
ना मुसलमान को कुछ देना है
ना किसी नेता की तरह बहला फुसला कर
दोनों में से किसी का वोट लेना है 
उसे तो जो भी ले जाएगा अपने साथ
उसी के मकान ,दूकान धर्म स्थान
मंदिर ,मस्जिद में शांति से रहना है ,
अपनी जुबान को बंद रखने की
उसने पूरी तरह से कसम खाई है
क्योँकि ये जुबान ही तो है जो
सभी झगड़ों की बलबाई है
इसी से दोनों  हिन्दू मुस्लिम नेता
जब बारी बारी से आग उगलते हैं
उनका तो कुछ भी नहीं बिगड़ता
तब गरीब हिन्दू मुस्लिम ही मरते हैं |
यदि हो सके तो भविष्य में मुजफ्फर नगर जैसी हिंसक घटनाओं को ना दोहराया जाए सभी नेताओं और जनता को आगाह किया जाए ,

Saturday, April 12, 2014

एक नारी का परित्याग क्या ,मोदी की महानता का परिचायक है

जी हाँ मोदी जी ने पहले एक सुकन्या ( नारी ) जसोदाबेन से बालिग़ होने पर स्वयंवर रचाया और फिर उसकी शक्ल ओ सूरत ,पसंद ना आने पर उसका परित्याग कर दिया ,हो सकता है दहेज़ भी मुख्य कारण  रहा हो क्योँकि जशोदा बेन के घर वाले बहुत ही गरीब थे उस समय में ,इसलिए दहेज़ के हिसाब से फिट ना बैठे हों और लड़के ने साइकिल मांग ली हो ,साइकिल ना मिलने पर जसोदा बेन को छोड़ दिया हो ,और मोदी जी को पत्नी से इतनी घृणा हो गई हो की ४५ साल बीतने पर भी कम नहीं हुई और उन्होंने उसे आज तक पत्नी के रूप में नहीं स्वीकारा ,वो तो भला हो सोमाभाई का जिन्होंने जब सामने आकर डिफेंड करने को कहा तो अपना बेडा बड़ोदरा से भी गडक होते देखकर उन्हें मजबूरी में पत्नी स्वीकारना पड़ा |
रही परित्याग कर देश की सेवा करने की बात तो फिर उनको मिलिट्री में जाना  चाहिए था नेतागीरी काहे को की यहाँ रहकर तो उन्होंने अपनी सेवा की मजे लिए ,चाय बेचने वाले करोडो की सम्पत्ति के मालिक बनगए बंगले बना लिए पी एम बनने चल दिए प्रतिदिन नै नै पोशक बदलने लगे हेलीकाप्टर ,महंगी गाड़ियों में चलने लगे ,पर पत्नी को नहीं घूमना था और पता नहीं क्या क्या करते होंगेउनको  भगवान जाने या मोदी जी
रही बात नारी का परित्याग करने से कोई भी व्यक्ति महान नहीं हो जाता ,श्री राम ने भी सीता मैया का परित्याग किया था पर उंगलियां उनपर भी उठी थी ,और यदि जसोदा बेन ही उस समय में मोदी का परित्याग कर देती जब मोदी को उनकी जरुरत होती तो ये ही उसे पता नहीं क्या नाम उपनाम देते ,शर्म करो ओरत रुपी देवी को बदनाम मत करो
मई सम्पूर्ण नारी जाती से ाहयवं करूंगा की ऐसे व्यक्ति को जो स्त्री जाती का सम्मान ना करता हो उसे कभी भी किसी भी रूप में सम्मान मत दो उसका बहिष्कार करो हो सके तो चार चार.................................. =====================================================================

Wednesday, April 9, 2014

झूठा कौन और स्वार्थी कौन ,नरेंद्र मोदी या केजरीवाल

आखिर परसों तक जिस यशोदाबेन को नरेंद्र मोदी जी अपनी पत्नी नहीं कहते थे और कहते थे कि मैं नहीं जानता कि यशोदा बेन कौन है ,कल अचानक बड़ोदा में नॉमिनेशन भरते समय भगवन जी ने उनको अंत:प्रेरणा दी कि मोदी जी यशोदा बेन को पत्नी स्वीकार कर नलो वरना प्रधानमंत्री बन्ने के बाद जनता यशोदा बेन के साथ मिलकर  आपका बुरा हाल कर देगी और एक न्य स्कैंडले तुम्हारे नाम का खड़ा हो  जाएगा ,ऐसा ना हो कि कहीं बच्चे भी कहीं से आ जाएँ ,तो मोदी समझदार तो हैं ही, उन्होंने शीघ्रता से यशोदाबेन को पत्नी स्वीकार कर लिया और नॉमिनेशन फार्म में भी भर दिया ,पर मजे कि बात है कि वाराणसी के नॉमिनेशन में तो कवारे ही बने रहे होंगे |
क्या कोई भाजपा का नेता या कार्यकर्ता बतायेगा कि संसार का सबसे बड़ा झूठा कौन हैं केजरीवाल या नरेंद्र मोदी ,जो राजनीती में uchch shikhar    पर pahuchne के लिए पत्नी को भी छोड़ देता है ,केजरीवाल ने कम से कम ऐसा तो नहीं किया ,जो पत्नी को छोड़ सकता है स्वार्थ के लिए क्या कल को आपको नहीं छोड़ेगा |


वोट देने से पहले

आज अपने वोट के लिए मशीन का बटन दबाने से पहले किस को वोट देना है ३६ बार सोचें ,
भावनाओं में बहकर कृपया वोट ना दें ,
जाती ,धर्म को ध्यान में रखकर वोट ना दें,
पडोसी और ताल्लुकातों के कारण वोट ना दें ,
केवल अच्छे ,ईमानदार ,सच्चे ,समाजवादी ,आदर्शवादी ,कुशल और कर्मठ डिग्री होल्डर ,कैंडिडेट को ही अपना वोट दें ,
जिस पार्टी में कोई भ्रष्टाचारी न हो और भ्रष्टाचार दूर करने का वायदा कर रहे हों केवल उसी पार्टी को वोट दें ,
जो नारी शक्ति का प्रेरणा स्रोत हो और नारी जाति कि सम्पूर्ण रक्षा करने का वचन देता हो उसको हो वोट दें ,
जो व्यक्ति या पार्टी का इतिहास काफी साफ़ सुथरा रहा हो उसे ही वोट करें
,मात्र किसी पार्टी से जीवन भर जुड़े होने के कारण ही वोट ना करें बल्कि देखें कि वर्त्तमान में कौन सी पार्टी या व्यक्ति अच्छा है उसे वोट करें ,
जो अधिक से अधिक रोजगार दिलाने के लिए वचन बद्ध हो ,
जो पार्टी स्त्रियों को ५० % अधिकार दिलाने का वायदा करे और राजनीति में भी उनको टिकट मुहैया कराये
कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाए और दहेज़ समस्या के लिए काम करे |



Tuesday, April 8, 2014

हम भारतवासी

या तो हम भारतवासी
बेवकूफ  है या भोलेभाले हैं
जो हर बार ठोकर खाने के बाद
पांच साल में सब भूल जाते हैं ,
कभी अडवाणी का फोटो हटा
मोदी का फोटो लग जाता है
तो मनमोहन का फोटो हटा
राहुल का फोटो लग जाता है ,
कर्म ,कुकर्म सब पहले जैसे हैं
करने का ढंग बदल जाता है
भाषा में कोई अंतर नहीं आया
मात्र चोला बदल जाता है ,
पिछली बार टाफियां दिखाई
इस बार चाकलेट दिखा रहे हैं
पिछली बार अस्पताल खोले थे
इस बार उद्योग लगवा रहे हैं ,
पिछली बार पानी पिलाया था
इस बार चाय पिला रहे हैं
पिछली बार महंगाई मुद्दा था
इस बार परिवर्तन ला रहे हैं ,
पहले यु पी ऐ ने सरकार बनाई थी
इस बार एन डी ऐ बना रहे हैं
५ वर्ष वो निचोड़ कर चले गये
अब ये निचोड़ने आ रहे हैं |


Monday, April 7, 2014

अपमान जनक स्तिथि से गर्सित भारतीय नारी

आखिर हम भारतवासी
आज अपनी ही बहन बेटियों  
माता और बहुओं को ही
प्रताड़ित क्योँ कर रहे हैं ,
क्या पूर्वजों के द्वारा दिए
सभी नियम व् संस्कारों को 
हमने तज दिया है या
उनके महत्त्व को भूल गये हैं ,
बहन,बेटियों से  बलात्कार कर
उन्हें बुरी तरह शर्मसार कर
कुढ़ कुढ़ कर मरने हेतु
उन्हें  मजबूर कर रहे हैं ,
अपनी बेटियों  को शिक्षा
और अच्छे संस्कार ना देकर
समाज में हंसीं का पात्र बना
आत्महत्या करने हेतु
मजबूर कर रहे हैं ,
अपनी पुत्र वधुओं से
दहेज़ कि मांग बार बार कर
उनको प्रताड़ित कर कर के
जौहर करने को मजबूर कर रहे हैं ,
अपनी उन माताओं को
जिन्होंने हमें धरावतरण कराया
उनको उचित सम्मान ना देकर
उनका आत्महनन कर रहे हैं ,
हमको तो अब लज्जा आती है
सवयम को भारतीय कहने पर
कहीं दूर बस जाना चाहते हैं
ऐसे समाज को तिलांजलि देकर |






Friday, April 4, 2014

इस बार बसंत भी क्योँ नहीं आया

ऐसा भान होता है
शायद इस बार
पतझड़ के उपरांत
बसंत भी नहीं आया ,
कहीं किसी कि नजर लगी
या किसी ने उसे बहकाया
अथवा किसी ने विरोध हेतु
उसे भी है उकसाया ,
शायद युग युगांतर से
तुम निरंतर समय पर
जनता जनार्दन के हित हेतु
अविराम चले आ रहे हो ,
सम्पूर्ण संसार तुम्हारे आने पर
आनद विभोर हो जाता है
छोटे से छोटा वृक्ष भी
नव किसलयों से पूर्ण हो जाता है ,
तुम्हारी सौंदर्यता को निहारकर
भला कौन मंत्र मुग्ध नहीं होता
तुम्हारे पुष्पों कि सुगंध से
कौन अभिभूत नहीं होता
आज लगता है प्रदूषण से
तुम भी शैया पर पड़ गए हो
मानव मात्र की अपेक्षाओं से
जुल्म का शिकार हो गये हो |
या चुनावों का प्रभाव
बसंत पर भी पड़ गया है
नेताओं की गन्दी ,भोंडी ऊंची झूठी 
भाषा से वौइस् पोलुशन हो गया है |



Wednesday, April 2, 2014

यदि मोदी प्रधान मंत्री बने तो

यदि मोदी जी देश के पी एम् बन गये तो भाजपा का  प्रत्येक समर्थक ,कार्यकर्ता और बड़े बड़े नेता एवं राष्ट्रिय सेवक संघ और खुद मोदी जी भी ये भूलकर कि  वो भारतवर्ष में रह रहे हैं नाकि पाकिस्तान या बँगला देश में ,बहुत बड़े बड़े जबरदस्त जश्न मनाएंगे और कई दिन तक चलेंगे | अहंकार इन सब लोगों के सर पर चढ़कर बोलेगा ,ये सब अपना आपा खो चुके होंगे ,यानि के बहुत  अग्रेसिव हो जायेंगे ,डिक्टेटर हो जायेंगे |
आंधी और तूफ़ान आयेंगे ,ओलावृष्टि होगी ,आमों सहित सभी प्रकार कि फसलें नष्ट हो जाएंगी ,महंगाई बहुत हो जायेगी ,शेयर बाजार बढ़ जाएगा ,रुपया कमजोर हो जाएगा ,सभी प्रकार कि सब्जियां जो आज रेट है उससे डेढ़ से दोगुनी हो जाएंगी ,दाले एक बार फिर १०० रूपये के आस पास पहुँच जाएंगी गेंहू आटा जो आज २५ रूपये किलो है ४० से ५० रूपये किलो हो जायेगा ,धातुओं के रेट्स में भी १५ से २०% तक का इजाफा हो जाएगा ,
जुलाई अगस्त में बरसात कम होगी सुखा पड़ेगी ,अकाल कि भी सम्भावना है ,चारों और त्राहि त्राहि मच सकती है जिससे एक बार फिर महंगाई और कुछ बढ़ सकती है ,किसी कारणो से गृह युद्ध कि सम्भावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता ,चोरी ,डकेती कि दुर्घटनाये बढ़ सकती हैं ,दफ्तरों का  काम पहले कि भांति होना शुरू हो जाएगा यानि कि केजरीवाल के ४९ दिनों के तरीके से मुक्ति मिलेगी ऑफिसर्स को ,वो बड़ा रिलीफ महसूस करेंगे ,बिजली पानी कि समस्या बराबर बनी रहेगी ,और भाजपा सरकार इन सब का हल ढून्ढ नहीं पायेगी और जनता एक बार फिर केजरीवाल के ४९ दिन वाली सरकार  या कोंग्रेस को याद करना शुरू कर देगी और भाजपा सरकार से जनता का मोह भंग हो जाएगा ,और हो सकता है मोदी जी फेंकू साबित हो जाएँ |

Tuesday, April 1, 2014

ईश्वर कि माया निराली है

भगवान् जब किसी को अंधा बनाता है तो उसे अंतर्दृष्टि दे देता है जिसके बल पर वो बिना आँखों के सबकुछ देखता है और अपना जीवन यापन करता है |
भगवान् जब किसी कि एक टांग ले लेता है तो दूसरी टांग में इतनी शक्ति दे देता है कि वो दोनों टांगों का काम एक टांग से ही निपटा लेता है
भगवन ने जिसको भी इस संसार में भेजा है उसकी उदर पूर्ती का इंतजाम पहले ही कर रखा है
इसी प्रकार जिस आदमी को  उसने बुद्धि नहीं दी उसे नेता बन्ने का गुण अवश्य दे दिया है ,क्योंकि काम वाम करना इनको आता ही नहीं क्योंकि बुद्धि इनके पास नहीं होती ,
जिसको भिखारी बनाया हैं उसको भी नेता बनाकर भेज दिया कि जा बेटा जिंदगी भर वोटों कि भीख माँगता फिर ,तभी तो ये लोग सोते सोते भी भीख में वोट मांगकर गिनती करते रहते हैं ,पैसे कि भीख मांगने वाला भिखारी अपने घर जाकर रात को सो जाता है पर ये रात रात भर जागकर भी भीख मांगते रहते हैं ,
भगवान् से जिसको ,चालाक ,भ्रष्टाचारी ,बेईमान ,असत्य भाषी ,झूठी कस्मे ,झूठे वायदे करने वाला ,जनता को धोखा देने वाला ,अपने गुरु ,माँ बाप को भी ना बख्सने वाला बनाना था तो उसे भी नेता जी बना दिया |
हर हर महादेव ,तेरी माया निराली

अब दिल्ली कि जनता को केजरीवाल जी याद आयेंगे

केजरीवाल जी ने जो कि आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और दिल्ली के भूत पूर्व मुख्य मंत्री हैं इन्होने दिल्ली कि जनता को अपने ४९ दिन के कार्यकाल के समय में बिजली में सब्सिडी और ७०० लीटर पानी तक जो मार्च तक के लिए फ्री दिया था उसकी समय सीमा कल समाप्त हो गई और अब दिल्ली कि जनता को पानी भी फ्री नहीं मिलेगा और बिजली कि सब्सिडी समाप्त होने के कारण बिजली के दाम भी दुगुने हो जायेंगे ,इससे जाहिर हो जाता है कि दिल्ली कि वर्त्तमान सरकार बिजली वालों से मिली हुई है और पानी का भी प्रिविटाइजेसन हो चुका है इसलिए वो भी बहुत महंगा मिलेगा हो सकता है ,पीने के लिए तो बिसलेरी का पानी ही ठीक रहेगा क्योंकि बहुत महँगा और वो भी इतना गन्दा पानी भला कैसे और कौन पियेगा ,आमिर आदमी तो पानी पी लेंगे पर मारा जाएगा गरीब और आम आदमी क्योंकि बिसलेरी का पानी उसकी जेब  सहन नहीं कर सकती और उसे बिजली के बिना ही शायद जीना पड़े ,या फिर उनको दिल्ली ही छोड़नी पड़ेगी ,ये ही तो कोंग्रेस और भाजपं सरकार चाहती हैं कि गरीब आदमी शहरों में क्योँ रहे |
दिल्ली कि जनता कि समझ में ये बात क्योँ नहीं आती कि जो आदमी उनका भला चाहता है निष्कपट है ,निष्कलंक है ,बेईमान नहीं है रिश्वतखोर नहीं है ,ठग नहीं है ,सभी का भला चाहता है ,खर्चीला नहीं है ,बड़े बड़े सेठों के हवाई जहाजों में नहीं घूमता ,गरीबों से कंधा मिलाकर चलना चाहता है ,उसे इतना सपोर्ट क्योँ नहीं देते कि वो केजरीवाल जी ज्यादा से ज्यादा सीट लेकर लोकसभा में पहुँच जाएँ फिर मजा देखना ये सेठों के गुलाम कैसे गरीब आदमी कि नहीं सुनेंगे ,
जून जुलाई में फिर दिल्ली विधानसभा के चुनाव होने वाले है यदि उसमे अधिक से अधिक मत देकर पूर्ण सात यानि के पूर्ण बहुमत जनता ने दे दिया तो फिर मुख्य मंत्री बन्ने के बाद दिल्ली कि कया पलट देंगे केजरीवाल जी ,ये याद रखना ,|