Monday, November 24, 2014

दिल्ली कि जनता से एक अपील

दिल्ली की जनता और ंसंपूर्ण मतदाताओं से मेरी प्रार्थना है कि फ़रवरी में जो विधान सभा के चुनाव होने जा रहे हैं उनमे आम आदमी पार्टी को बहुमत दिलाकर अरविन्द केजरीवाल जी को एक बार फिर दिल्ली का मुख्य मंत्री बनायें ताकि उनकी अग्नि परिक्षा भी ली जा सके ,कि वो अपने वायदों पर कितना खरा उतरते हैं ,
क्योँकि आज हमारे देश को आजाद हुए लगभग ६६ वर्ष बीत चुके हैं पर कोई भी नेता अपने आपको ईमानदार ,भ्र्ष्टाचार रहित प्रशासन ,अथवा महंगाई पर लगाम लगाने वाला सिद्ध नहीं कर सका ,और नाही कभी कोई भी नेता अपने आपको पूर्णत:देश भक्त या जनता का सेवक घोषित करने के लिए आगे आया ,
इतने वर्षों के पश्चात महा ईमानदार ,देश भक्त ,जनता का सेवक और अच्छी सोच रखने वाला ,देश और जनता का हित सोचने वाला एक नेता अरविंद केजरीवाल मुश्किल से देशवासियों या दिल्ली वालों को मिला है और यदि आपने इस नेता को पूरा मौका या कोई उच्च पद देकर सुशोभित नहीं किया तो उसका दिल टूट जाएगा और यदि वो इस बार पूर्ण समर्थन नहीं मिला और उसने राजनीति छोड़ दी तो भविष्य में शायद ही कोई और दूसरा ईमानदार और अच्छा नेता अगले ६५ साल में भी भारत कि जनता को मिलने वाला नहीं और फिर हम सभी देशवासियों का भविष्य अन्धकार में डूब जाएगा ,
इसलिए मेरी प्रार्थना है कि  जिस प्रकार आप सभी  ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को सहर्ष स्वीकारा और उनके भारत के उच्च पद पर मनोनीत करा दिया और अब आप उनकी भी अग्नि परिक्षा ले ही रहे हैं और उनकी ईमानदारी और देश भक्ति को निहार रहे हैं ,
उसी प्रकार एक बार केजरीवाल जी को भी आजमा कर देख लीजिये ,और इसमें बुरा भी कुछ नहीं है ,क्योंकि यदि कोई मिटटी का घड़ा भी खरीदता है तो उसे थोक बजाकर देखता है ,तो आप भी देखिये ,धन्यवाद

Wednesday, November 19, 2014

कर शुक्रिया

कर शुक्रिया
जब सुबह का दीदार हो
कहीं किसी ने पिछली रात
इस दुनिया को अलविदा कहा होगा ,
कर शुक्रिया
जब दीखे माँ का चेहरा
कल किसी ने अपने खुदा को खोया होगा ,
कर शुक्रिया
जब पिता ने तुझे निकम्मा कहा
जाने कितने इस मार्ग दर्शन के बिना भटक गए ,
कर शुक्रिया 
पीने को कलश भर जल मिला
कहीं एक शिशु अधूरी चाह में अग्नि समर्पित हुआ ,
कर शुक्रिया
खड़ा है तू अपने पगों पै
जाने  कितनों ने हाथों में चप्पल पहिन जिंदगी गुजारी है ,
कर शुक्रिया
तेरी किस्मत तेरे हाथों में हैं
कहीं कोई पिता अपने बच्चों  का सिर सहलाने में असक्षम है ,
कर शुक्रिया
गुनगुना लेता है तू प्रत्येक सुर को
कोई ममता लोरी सुनाने को अश्रु बहाती है ,
कर शुक्रियाज
आज  सामना नहीं हुआ मार्ग में मौत से
आज भी जाने कितनी जिंदगियां रूठी हैं अपनों की छाँव से ,
कर शुक्रिया
हर निवाले का जिसने तुझे स्वांसें बख्शी हैं
इस रोटी के वास्ते आज एक लाजो ने अपनी आबरू गवाई है |



















Monday, November 17, 2014

आस्ट्रलिया में गांधी जी की प्रतिमा के अनावरण पर आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी का भाषण

आस्ट्रेलिया में गांधी जी की मूर्ती का अनावरण करते समय हमारे प्रधानमंत्री जी ने जो भाषण दिया वो आप सभी ने सूना भी होगा ,शायद आप में से किसी को एक त्रुटि जो  बार बार अपनायी जा रही थी नजर ना आई ,परन्तु मुझे वो त्रुटि बहुत ही आखर रही थी और वो त्रुटि थी बार बार महात्मा गांधी जी के नाम का सम्बोधन जो की मोदी साहब के द्वारा किया जा रहा था ",उन्होंने गांधी जी बोलने से पहले या बाद में लगाया हो जैसे की महात्मा गांधी या गांधी जी "वो बार बार मात्र" गांधी "ही कहकर सम्बोधित कर रहे थे जैसे की गांधी जी महात्मा गांधी ना होकर मोदी साहब का कोई लंगोटिया यार हो, या उनका कोई अपना बच्चा हो, या कोई ऐरा गेरा नत्थू खेरा हो ,या कोई आम भारतीय हो ,जिस व्यक्ति ने देश को आजाद कराने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन आहूत कर दिया हो ,और फिर आजाद होने के बाद भी देश से कुछ नहीं चाहा हो और अंत में नाथूराम गोडसे की गोली का शिकार होकर स्वर्ग सिधार गया हो और वो गोडसे भी किसको बिलोंग करता था ये मोदी साहब को बताने जरूरत नहीं है क्योँकि वो बाखूबी जानते हैं और आजादी के परवान चढ़ने के कारण ही आज मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बन संसार में घूम घूमकर मजे ले रहे हैं और प्रसिद्धि पा रहे हैं किसके कारन ,स्वर्गीय गांधी जी के कारण से ही ,क्योँकि न तो देश को मोदी जी ने आजाद कराया और नहीं आर एस एस या भारतीय जनता पार्टी ने ,क्या उस महात्मा के लिए आदरणीय ,महात्मा या जी ,अथवा स्वर्गीय जैसे दो शब्द भी उनके पास नहीं थे क्या भारत  की ये ही संस्कृति है ,इससे साफ़ होतां है की मोदी जी के ह्रदय में गांधी जी के लिए कोई मान सम्मान नहीं हैं वो तो उनके नाम की माला रटकर जनता को दिखाते हुए अपनी रोटियां सेंक रहे हैं ,और ऊपर से सवा सौ करोड़ भारतियों की बेइज्जती भी कर रहे हैं क़ि "यह कहकर क़ि भारत में लोग कहते हैं क़ि मोदी जी जबसे प्रधानमंत्री बने हैं तो गांधी जी क़ि माला भज रहे हैं "यद्द्य्पी गांधी जी के प्रति उनके ह्रदय में कितना सम्मान है वो तो उनकी भाषा ही से गांधी गांधी कहकर झलकता दिखाई देता है ,दुसरे देश में जाकर अपने देश वासीयियों क़ि बुराई करना एक बड़े देश के पी एम को शोभा नहीं देता ,और बाहर वालों पर भी इसका क्या प्रभाव पड़ा होगा |

Sunday, November 16, 2014

मेरी कहानी असत्य पर आधारित

मेरी पहली शादी जब में १५ साल का था एक गाँव की लड़की से हो गई थी ,तब में कुछ भी नहीं था मेरी हालत ठीक एक कुत्ते जैसी थी क्योंकि सुबह और शाम की रोटी के लिए घर वालों के ऊपर ही निर्भर था जैसे की बेचारा एक कुत्ता पेट भरने के लिए किसी के भी घर की और देखता है मेरे मना करने के बावजूद भी घरवालों ने जबरदस्ती  मेरी शादी कर दी थी ,मैं तब १० वि कक्षा में पढता था ,उसके बाद १२ वि पास की और फिर बी ऐ पास किया और दिल्ली आ गया ,यहां आकर बहुत संघर्ष किया और मैं एक बड़ा आदमी बन गया ,जब मेरे पास अच्छा उद्योग और पैसा ,मोटर गाडी हो गई तो मैं पहली पत्नी को भूल गया और अब वो मुझे अपने स्टेंडर्ड से नीचे की लगने लगी इसलिए मैंने फिर दूसरी शादी कर ली जो अच्छी पढ़ी लिखी ,सुन्दर थी ,
खैर उस मेरी पहली पत्नी ने शादी भी नहीं की और वो मेरे नाम की ही माला आज भी भजती रहती है ,पर मैंने उसे नाही पहले और नाहीं अब यानी की कभी भी घास नहीं डाली फिर भी कभी कभी खत अवश्य भेज देती है जिसमे पति परमेश्वर कह कर सम्बोधित करती है पर मै उसकी चिट्ठी का जवाब कभी भी नहीं देता ,और ये बात किसी को बताता भी नहीं और खत पढ़कर फाड़ कर फेंक देता हूँ,पर मुझे अंदर ही अंदर कुछ ग्लानि सी होती है,
आज मेरे पास भगवान की दिया सबकुछ है अच्छा व्यापार ,मान सम्मान खूब धन दौलत ,२,चार गाड़ियां ,नौकर चाकरों की फौज चारो और से मुझे घेरे  रहती है ,मेरी नेतागीरी भी खूब चलती है मै भी खुद को प्रधान मंत्री राष्ट्रपति से काम नहीं समझता ,पर मेरे साथ सबसे बड़ी दिक्क़तये है की जब भी मेरे गाँव और आसपास के लोग मेरे क्षेत्र के लोग या जनता कहिये मुझसे मिलने आते रहते हैं ,वो मेरे सामने तो मुझे बहुत अच्छा और बड़ा आदमी कहते हैं पर जब भी आपस में बात करते हैं तो एक दुसरे को कहते हैं कि ये यानी की मैं बहुत ही कमीना ,और घटिया आदमी हूँ क्योँकि मैंने अपनी धर्मपत्नी को छोड़ रखा है और पता नहीं किस्से शादी कर राखी है ,और पता नहीं कहाँ कहाँ मुंह मारता फिरता हूँ  ,भाई ये बड़ा आदमी है अब इसे कोई क्या कहे ,और हम सबकी तो मजबूरी हैं हम कुछ कह भी नहीं सकते ,गाँव में जाता हूँ या किसी रिश्तेदारी में जाता हूँ तो सब मेरे बारे में ऐसी बाते करते हैं ,
पर मेरी सबसे बड़ी गलती है की मैंने दूसरी शादी कर ली,यदि मै दूसरी शादी नहीं करता तो शायद मुझे कोई भी कुछ नहीं कहता और दुसरे बड़े बड़े नेताओं की तरह मुझे भी भारत की जनता वैसे ही प्यार करती जैसे कि भारत के अन्य बड़े बड़े नेताओं को करती है ,
ये कहानी पूर्णत: सत्य है पर मेरी कहानी पूरी तरह असत्य पर आधारित है ,
हो सके तो अपनी राय भी मुझे भेजें कि क्या मैं वास्तव में कमीना आदमी हूँ ,या मैंने पहली पत्नी को छोड़कर कुछ गुनाह किया है ,












Wednesday, November 12, 2014

झाड़ू ,स्वच्छता अभियान और श्री नरेंद्र मोदी

केजरीवाल या  आम आदमी  पार्टी के चुनाव चिन्ह झाड़ू के करिश्मे को देखकर (४९ दिन की सरकार )इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने झाड़ू को ही गुजरात का नहीं बल्कि सम्पूर्ण भारत का मॉडल बना दिया और उन्होंने झाड़ू कि इतनी प्रसिद्धि कि कि आज तक संसार में बिना पैसे खर्च किये इतना बड़ा और जबरदस्त विज्ञापन किसी भी वस्तु ,पशु  पक्षी ,या प्रोडक्ट का नहीं हुआ और शायद नाही कभी होगा उन्होंने भारत के   सबसे अमीर  घराने अम्बानी ,और अभिनेता सलमान खान ,सभी खान और अमिताभ बच्चन सहित बड़े छोटे उद्योगपतियों और जाने माने महापुरुषों और नेताओं से गली और कूंचों में झाड़ू लगवा दिया और स्वच्छता अभियान के नाम पर खूब नाम बटोरा शायद ही ऐसा नेता भी किसी देश में ही शायद पैदा हुआ हो ,पर भारत ही एक ऐसा मुल्क है जहां पर केजरीवाल जैसे ईमानदार नेता तो वहीँ प्रसिद्धि पाने वाले नेता नरेंद्र मोदी जी जैसी हस्तियां समय समय पर जन्म लेती रहती हैं |
वैसे स्वछता अभियान चलाने से जो जनता नहीं जानती थी कि झाड़ू किसका चुनाव चिन्ह है और केजरीवाल कौन है वो भी अच्छी तरह से जान गए ,और इसका फायदा सबसे ज्यादा केजरीवाल को ही होगा ,इतने बड़े विज्ञापन से अब दिल्ली में केजरीवाल कि सरकार बन्नी तय हो चुकी है जिसके लिए मोदी जी बधाई के पात्र हैं

एक महापुरुष की जीवनी

हलों के बीच में से हल कैसे निकाला जाता है ,
जल्तों के बीच से बिना जले कैसे निकला जाता है ,
कोयलों की दलाली में हाथ काले होने से पहले कैसे निकला जाता है ,
लज्जावानों को लज्जा हीन बना निर्लज्ज कैसे बनाया जाता है,
बहुत से वायदे करने के बाद वायदों से कैसे मुकरा जाता है ,
जनता को बेवकूफ बनाकर उच्च पद पर कैसे पहुंचा जाता है ,
उच्च पद पर पहुँचने के बाद जनसेवक का पद कैसे पाया जाता है,
और जन सेवक बनने के बाद झाड़ू कैसे लगाया जाता है ,
बच्चों को वातसल्य देकर नेहरू जैसा नेता कैसे बना जाता है ,
नित नै नै पोशाकें पहिनकर जनता को किस प्रकार लुभाया जाता है ,
बड़ी बड़ी बातें कर कर के विपक्षियों को कैसे मिटाया जाता है ,
पांच माह के शासन काल में पांच पांच बार विदेशों में कैसे जाया जाता है ,
बिना विश्वास मत प्राप्त किये किसी प्रदेश का मुख्य मंत्री कैसे बनाया जाता है ,
बड़े बड़े शूरमाओं को धता बताकर बाहर का रास्ता कैसे दिखाया जाता है ,

Tuesday, November 11, 2014

वोट का अधिकार

हमारे देश की जनता के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है जिसे वो अपना कह सके ,जैसे की प्रॉपर्टी का अधिकार भी नहीं है जोकि आपने अपनी खून पसीने की गाढ़ी कमाई से बनाई है ,वो भी हमारे देश की ही धरोहर है ,इसी प्रकार हमारा शरीर भी हमारा नहीं है वो भी सरकार की प्रॉपर्टी है ,क्योँकि आपको आत्महत्या तक करने का अधिकार नहीं है यदि आपने किसी भी कारण से दुखी होकर आत्महत्या करने की कोशिश की और किसी कारण आप नहीं मरे तो आपको बचने की हालत में सीधा जेल जाना पडेगा , 
यदि हमारे पास है तो वो है मात्र विचारों की स्वतंत्रता और दूसरा अधिकार हमारे पास है जिसे हम अभी तक अपना अधिकार कह सकते हैं और वो है वोट देने का अधिकार ,उसमे हम किसी को भी वोट करें ,या ना करें ,करें भी तो किसी को भी करें ,परन्तु अभी ज्ञात हुआ है की हमारे आदरणीय प्रधान मंत्री जी उसे भी छीनने जा रहे है यानी की वो कहते हैं की वोट डालने के लिए सभी को जाना पडेगा और वोट करना भी पडेगा और जो नहीं वोट देने जाएगा उसे कोई न कोई सजा अवश्य दी जायेगी अभी सजा का प्रावधान नहीं हुआ है की वो किसप्रकार की सजा होगी ,जुर्माना या जेल वो अभी निश्चित  नहीं किया गया है ,यद्द्य्पी वो ये कानून गुजरात में पास भी कर चुके हैं पर अभी सजा का प्रावधान नहीं किया है ,
खैर मेरा कहने का तातपर्य ये है की जो कानून हमारा है और उसे प्रयोग में लाएं या ना लाएं हम किसी को वोट दें या ना दें उसको भी भी क्योँ हमसे छीनने का प्रयास किया जा रहा है |क्या ये हमारी स्वतंत्रता का हनन नहीं है इसलिए हमारी मोदी जी से प्रार्थना है की वो इस नियम को पास ना करें |

Sunday, November 9, 2014

देश किसके हाथों में जा रहा है

क्या आप जानते हैं कि देश धीरे धीरे किसके हाथों में जा रहा है ,और किसका सैंकड़ों वर्ष पुराना सपना सच होने जा रहा है ,शायद नाही आप जानते हैं और नाहीं आपने कभी इस बारे में सोचा है ,तो हम आपको बताते हैं आज हमारा देश धीरे धीरे राष्ट्रिय सेवक संघ के हाथों में जा रहा है और उन्ही का बरसों पुराना सपना सच भी होता जा रहा है ,देखिये किस प्रकार आज ..........................
प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी आज देश के सर्वे सर्वा हैं जो कि आर एस एस के पैदाइशी सदस्य और कर्मठ कार्य करता भी हैं 
और हरयाणा के मुख्य मंत्री भी आर एस एस के पैदायशी सदस्य हैं ,
महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री भी आर एस एस के पैदायशी सदस्य हैं ,और 
अभी अभी गोवा के मुख्य मंत्री भी आर एस एस के पैदायशी सदस्य हैं ,
और आगे भी जिस प्रदेश में भाजपा कि सरकार बनेगी वहाँ पर भी अब आर एस एस के ही मुख्य मंत्री बनेंगे ऐसा ही प्रावधान भाजपा पास कर चुकी है |
और इससे पहले भी जिन प्रदेशों में भाजपा कि सरकार हैं वहाँ भी sabhi मुख्य मंत्री आर एस एस के ही पैदायशी सदस्य हैं ,भाजपा तो मात्र नाम मात्र के लिए है 
अब वैसे भी भाजपा भाजपा ना रहकर आर एस एस पार्टी बन चुकी है ,अब इसका फैसला तो भविष्य ही करेगा कि ये भारतीय जनता पार्टी या इनका उपनाम आर एस एस देश के लिए कितना हितकर होगा

Saturday, November 8, 2014

खुदा जाने उनके कमल रुपी मूक मुख से
प्रेम के शब्द ,गुलाब पुष्प जैसे कब झरेंगे ,
पर हम भी बेताब हैं वो शब्द सुनने के लिए
जिंदगी के अंत तक भी हम इन्तजार करेंगे

Tuesday, November 4, 2014

ज्यादा लाइक पाने और प्रसिद्धि हेतु फेस बुक पर कुछ टिप्स

जी हाँ यदि आप फेस बुक पर प्रसिद्धि और अधिक लाइक लेना  चाहते हैं तो आप निम्नलिखित टिप्स अपनाएँ
१ आप गंदे गंदे जोक्स लिखें ,
२ बिना मतलब के शेर लिखें ,
३ कोई भी हसीं चित्र लगाकर उस पर शेर लिखे
४ हसीना के कपडे अस्त व्यस्त हों
५ और उलटी सीधी लेटी किसी नायिका का चित्र लगाएं ,यदि कुछ नग्न अवस्था में हो तो सोने पे सुहागा ,
६ जो नेता ज्यादा प्रसिद्ध हो उसको और प्रसिद्ध करें ,
७ यदि महिला मित्र हैं तो वो भी अपने अच्छे और सुन्दर चित्र लगाएं ,जैसे तिनकी जैन जी लगाती हैं ,
८सेक्स  को लेकर वार्तालाप करें ,
९ सेक्सी चित्र लगाएं  घटिया घटिया सी जो देखने में कविता लिखें,
१० घटिया घटिया सी कवितायें लिखे यानी कि अच्छी कविता कभी ना लिखें 



 ,

Monday, November 3, 2014

मोदी जी अपने किये हुए वायदे पूरे करें

मुझे तो कुछ ऐसा लगता है की हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी नए नए काम करके जैसे की विदेशों की यात्रा ,उनसे अच्छे संबंध बनाकर दिखाना ,और ३ महीने में ही अमेरिका ,जापान ,भूटान ,नेपाल की यात्रा करना ,गंगा की सफाई कराना ,स्वच्छता अभियान चलाना ,हर महीने रेडियो पर जनता से मन की बात करना,सांसद और विधायकों को गावों का गॉड दिलवाना , देश के स्कूलों के बच्चों से वार्तालाप करना ,कोंग्रेसियों के पीछे पड़ना ,जम्मू जाकर दिवाली सेलिब्रेट करना ,उद्योगपति मुकेश अम्बानी की पत्नी का जन्मदिन बनारस में जाकर मनवाना ,काला धन काला धन का मात्र शोर मचाना ,पटेल साहब की स्टेच्यू को २००  मीटर,ऊंची बनवाना और उसपर लगभग ३०००करोद
 रुपया खर्च करना , सोनिया जी के दामाद वढेरा को बार बार सम्बोधित करना ,औरआगे गांधी जी की स्टेच्यू बनवाने के लिए भी जनता को प्रेरित करना क्योँकि अकेले पटेल साहब की स्टेच्यू गुजरात में कड़ी बहुत ज्या शोभा नहीं देगी जब तक गांधी जी की स्टेच्यू उनके साथ ना हो क्योँकि गंदी और पटेल दोनों एक जान और जिस्म दो थे इतनी गाढ़ी मित्रता थी दोनों में ,वैसे भी दोनों गुजराती ही थे ,यद्द्य्पी दोनों ने देश को आजादी दिलवाने अथक सहयोग दिया था ,इसके अलावा और  भी बहुत से काम करके जनता को जो मुख्य मुद्दे है उनसे भटकाने का काम कर रहे हैं
हमारी आदरणीय मोदी जी से करवद्ध प्रार्थना है कि वो अयोध्या में राम मंदिर बनवाएं  ,जम्मू कश्मीर में धारा ३७० समाप्त कराएं ,गौ हत्या बंद करवाएं ,पूर्ण लोकपाल बिल पास कराएं ,विदेशों से काला धन जल्दी से जल्दी वापस लाएं ,और महंगाई को दूर भगवाएँ ,और गरीबों को गरीबी से निजात दिलवाएं ,जय हिन्द |

Sunday, November 2, 2014

श्वान और इंसान में अंतर

अपने घर के मुख्य द्वार से निकलते ही 
सम्मुख गली का श्वान नजर आता है 
यद्यपि वो हमारा आज भी पालतू नहीं है
फिर भी मुझे  देखते ही पूँछ हिलाता है ,
जानते हो वो ऐसा क्योँ करता है
और क्यों नृत्य करके दिखाता है
क्योँकि प्रात:और संध्या के वक्त
मात्र दूध और,कुछ रोटियां खाता है ,
वफादारी के नाम पर घर के बाहर बैठ
चौकीदारी का फर्ज पूरी तरह निभाता है
यदि कोई  उच्च स्वर में हमसे बात भी करे
तो उसे सबक सिखाने हेतु तैयार हो जाता है ,
दूसरी और कोई भी भाई बंधु रिश्तेदार
जब मेहमान बन  कर हमारे घर आता है
तब हम  उसकी आव भगत बहुत करते हैं
फिर भी भविष्य में बेवफाई करके दिखाता है |