Saturday, July 11, 2015

भ्र्ष्टाचार के कारण डूबती नैया

नेताओं की चिता पर
लगेंगे  हर रोज मेले
भ्र्ष्टाचार कर कर के
सम्पूर्ण देश डुबो दिया ,
बाकी जो थोड़ा बचा था
वो भी स्वाहा होने लगा
नवेले नेताओं के कारण
कर्जा  रोज बढ़ता गया  ,
जनता रोज पिसती रही
नेता पेट भरता रहा
देश कंगला हो गया
और नेता अमीर हो गया ,
कर्जदार जब मांगने लगे
नेता कुर्सी छोड़ भाग गया
कर्जदारों ने एक साथ मिलकर
देश को वाटर मेलन बना दिया

भाइयो ,वाटर मेलन चीन के इतिहास का वो काला अध्याय है ,जिसमे कर्ज में डूबे हुए चीन को कुछ देशों ने जिन्होंने चीन से कर्जा लेना था तरबूज की शेप में बाँट दिया था ,और शायद वो देश थे , अमेरिका ,फ़्रांस ,जर्मन ,ऑस्ट्रेलिया ,इंग्लैंड |


Thursday, July 9, 2015

धार्मिक उन्माद

यदि मै या आप अपने खेत में या गमले में गाजर और मूली बो देते हैं ,ऊपर वाले की कृपा से वो दो महीने में अच्छी मोटी ताजी ,खाने योग्य तैयार हो जाती हैं ,और फिर कोई बाहरी व्यक्ति ,रिश्तेदार भी उस गाजर या मूली को उखाड़कर ,धोकर साफ़ करके और चाक़ू से उसे काटकर दो हिस्सों में कर खाता चला जाता है ,तो आपको या मुझे कितना बुरा लगेगा शायद मेरे पास उसके लिए शब्द नहीं हैं ,
इसी प्रकार कोई भी माँ ,हिन्दू या मुस्लिम एक बच्चे को जन्म देती है और उसे ना जाने कितने ही जतनो या प्रयत्नो से म्हणत मजदूरी करके ,अपना पेट काटकर ,रातों को जागकर ,खुद गीले में सोकर और बच्चे को सूखे में सुलाकर यानी की बहुत से कष्ट सहने के बाद उसे पढ़ा लिखा पाल पॉश कर एक गबरू जवान बना देती है ,और फिर कुछ धर्म के कट्टर पंथी अधिकारी आकर उसका" माइंड वाश " करके झगड़ों में  झौंकने के लिए  प्रेरित कर ,धर्म के नाम पर उत्साहित कर दुसरे धर्मों को गलत करार देकर और अपने धर्म का दुश्मन बनाकर दुसरे के धर्म अनुयायिओं को काटने पीटने हेतु भेज देती है और फिर वो गबरू जवान वहाँ जाकर मारा जाता है ,तो कभी आपने सोचा है की उस माँ जिसने उसे ९ महीने अपने पेट में रख अपना एक एक बूँद खून उसको जन्म दिया और इतना बड़ा किया था उसके दिल  को कितनी चोट पहुंची होगी और ये हम सभी जानते हैं की जिसका जवान बेटा मर जाए तो उसका तो घर ही बर्बाद हो गया ,और यदि उसके पीछे उसके छोटे छोटे बहन भाई और उसके अपने बच्चे हैं जो उस पर आश्रित थे उनका क्या होइगा शायद उनकी जिंदगी तो भिखारियों से भी बदतर हो जायेगी ,और फिर कोई मभी धर्माधिकारी किसी भी धर्म का एक दो बार आकर अपनी शक्ल भी दिखाने नहीं आएगा ,मदद की बात तो बहुत दूर की बात है |
इस लिए भाइयो मै तो अंत में यही कहूँगा की इन राजनीतिज्ञ ,मतलबी ,खुद को  सर्वभोम कहने वाले साधू संतों  ,मुल्ला मोलवयों से दूरी बनाई रखने में ही भलाई है . यदि मेरे इस लेख से किसी भी हिन्दू ,मुस्लिम भाई को बुरा लगे तो वो मुझे २०० या ४०० गालियां देकर संतुष्ट हो सकते हैं ,मैंने अपनी समझ के मुतालिक जो लिखा है वो शत प्रतिशत ठीक है |

Wednesday, July 8, 2015

आदरणीय मोदी जी

उनको देश हित के लिए बनाया था
पर वो विदेशी होकर रह गया
देसी २४ राज्यों का दौरा नहीं किया
पर २४ देशों का दौरा पूर्ण हो गया |
मैंने उनको बहुत भाषण देते देखा था
पर पी एम बनते ही मूक हो गया
मन मोहन सिंह मूक पी एम थे
पर मोदी जी उनसे आगे निकल गया |
ललित मोदी और व्यापम जैसे कांडों पर
कुछ भी बोलने तक से मना कर दिया
ऐसा प्रतीत होता है जनता जनार्दन को
की राज काज से उनका दिल भर गया |


पत्नी

भाइयो मै ये लेख इस लिए लिख रहा हूँ क्योँकि माँ का गुणगान तो सभी लोग करते हैं परन्तु जो जीवन भर मनुष्य का साथ निभाती है उसके बारे किसी की भी लेखनी दो शब्द नहीं उगलती |
लगभग प्रत्येक मनुष्य के जीवन में
एक स्त्री भी अवश्य आती है
जिसको धर्म  पत्नी  कहा जाता है
और धर्म पत्नी का खिताब उसे
उसके अभिभावकों के द्वारा
दहेज़ स्वरूप लाखों खर्च करके
पति देव  से दिलवाया जाता है |
और शादी के बाद जिंदगी में
कभी कभार ऐसा मौका भी आता है
जब माँ ,बाप भाई बंधु रिश्तेदार
सब पति देव को छोड़ जाते हैं ,
तब एक धर्म पत्नी ही होती है
जो पति का साथ नहीं छोड़ती
स्वयं को पूर्णत:समर्पित करके
खानदान को जाज्वलित करती |
सावित्री बन पति की दीर्घायु हेतु
 ईश से व्रत, कामनाये करती
यदि परिवार को चलाने हेतु
श्रम करना पड़े तो पीछे नहीं हटती ,
पति को परमेश्वर मान करके
उसकी इच्छाओं को सर्वोपरि रख
अपनी इच्छाओं का गला घोँट
कंधे कंधा मिलाकर साथ चलती |
तो कभी कभी सीता बन करके
पति के साथ वनो में विचरण करती 
रावण जैसों के द्वारा अपहरण होने पर 
अपने पति व्रत धर्म को नहीं छोड़ती ,
वापस पति के घर आ जाने पर 
कुलच्छिनी जैसे शब्दों का भ्र्म जान 
आरोप प्रत्यारोप लगाए जाने पर 
अग्नि में कूद जीवन इति करती |