Friday, April 28, 2017

हमने नसीब वालों को भी
बदनसीबी के नाम पे रोते  देखा है
और खुद को खुदा कहने वालों को भी
खुदा से मन्नतें मांगते हुए देखा है |

prtibha

प्रतिभा ,
प्राय प्रत्येक व्यक्ति के अंदर कोई ना कोई प्रतिभा होती है परन्तु वो पूर्णत: छिपी होती है क्योँकि वो व्यक्ति उसका उपयोग नहीं कर पाता क्योँकि वो उसकी उपयोगिता से परिचित नहीं होता और वो शंकालू बना रहता है और जो व्यक्ति हिम्मत करके अपनी उस प्रतिभा का मूल्यांकन करके उसका उपयोग करना प्रारम्भ कर देता है तो वो देश का कोई महान  लेखक ,कवि ,नेता ,अधिकारी ,चित्रकार और जो भी प्रतिभा के अनुरूप होता है बन जाता है और फिर संसार में सूर्य की भांति चमकता रहता है ,
तो भाइयों मेरा कहने का अभिप्राय है की हम आप सभी व्यक्तियों को अपनी विलुप्त प्रतिभा को उजागर करना चाहिए ताकि उससे देश और समाज और स्वयं का भी विकास हो सके |
कांति प्रकाश चौहान

Wednesday, April 26, 2017

aatm mnthan

पिछले ३ साल से भारतीय लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं परन्तु कोई ना कुछ बोल रहा है ,ना सोच रहा ,और नाहीं आत्ममंथन कर रहा है ,परन्तु अब समय आ गया है की इसपर सभी बुद्धिजीवियों को सोचने ,आत्ममंथन करने हेतु समर्पण करना पडेगा वरना तो देश एक बार फिर गुलामी ,आपातकाल की यादें ताजी कर देगा ,
बेईमानी ,बेईमान और असत्यभाषी व्यक्ति को शिखर पर लेजाकर धक्का देती है ताकि वो बच ही ना सके और बचाने  वाला भी ना मिले ,  k p chauhan

ANGINAT

आजकल देश में नेताओं ,ज्योतिषियों ,बाबाओं ,और आयुर्वैदिक  डॉक्टर्स की बाढ़ सी आई हुई है ,ऐसा कोई घर अछूता नहीं होगा जहां ये लोग उपजे ना हों अब पता नहीं ये सब मिलकर इस देश का क्या हाल करेंगे ,हमारे देश का तो ऊपर वाला ही मालिक है



हमारे सैनिक रोजाना  शहीद हो रहे है कहीं नक्सली मार रहे हैं, तो कहीं पाक के आतंकवादी,मार रहे हैं ,और कभी कभी चीनी सेना भी माँर जाती है ,और अब तो कश्मीर में भी शहीद हो रहे हैं ,ज़रा उनसे पूछिए जिनके लाल ,माँ बाप भाई ,पति ,और सहारा हैं उनपर क्या बीत रही होगी ,परन्तु सरकार और प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का प्रीतिदिन एक ब्यान जारी कर दिया जाता है की शहीद हुए सैनिकों की शहादत बेकार नहीं जायेगी ,भाइयो हमको भी तो बताओ वो कब काम आएगी उनकी शहादत ?

Tuesday, April 25, 2017

सांप भी अपने बिल में सीधे होकर घुसते हैं परन्तु हमारे देश के नेता अपने घर में भी टेढ़े  घुसते हैं |


जब सर्वनाश का साया मंडराता है तो आदमी मि जुबान लम्बी हो जाती है |


अच्छे और भले कार्य करने वाला इंसान दुनिया की नजरों में ही अच्छा नहीं बनता बल्कि उसकी स्वयं की आत्मा भी उसे भला पुरुष कहती है |


कहते हैं असल से सूद ज्यादा प्यारा होता है ,इसीलिए कहावत है कि "भैया से भतीजा प्यारा ,सबसे प्यारा साला ,
गन्ने से गनीली प्यारी उससे प्यारा राला "
धन से सबकुछ खरीदा जा सकता है यहाँ तक की जीवन और मृत्यु भी ,परन्तु धन से चरित्र ना तो बनाया जा सकता है और नाही खरीदा जा सकता है |

koun nahin janta

कौन नहीं जानता ?
चैत्र की नरमी
बैशाख की गर्मी
जेठ की बेशर्मी
आषाढ़ की आँधियारी
सावन के सरवरे
भादौं की उमस
क्वार के भूरे बादल
कार्तिक की शाम
अगहन के उलहाने
पौष की कड़कती ठंड
माघ की मल्हारें
फाल्गुन के राग |

Monday, April 24, 2017

kanoon andha nahin blki

अक्सर आपने लोगों को कहते सूना होगा कि " क़ानून अंधा होता है क्योँकि उसके आँखों पर पट्टी बंधी होती है " परन्तु ये बात ठीक नहीं बल्कि असत्य है क्योँ की कानून अंधा न यहीं बल्कि कानून के रखवाले या कानून के द्वारा फैसला करने वाले अंधे हैं क्योँकि उनकी खुद की आँखों पर पट्टी बंधी हुईं है अब वो किस चीज की है कयो है मै  नहीं जानता , जानता भी हूँ तो लिख नहीं सकता ,और यदि लिख दिया तो फिर क्या होगा ये भी आप भली भांति सब जानते हैं फिर मेरे खिलाफ भी वो ही अंधा क़ानून अपना काम करेगा |

ahsaan framosh

अहसान फरामोश ( ना शुक्रे )यानी कि  किसी के द्वारा उस पर, किये गए उपकार का भी वो अहसान नहीं मानते ,ऐसे व्यक्तियों को स्वर्ग तो क्या नरक में भी स्थान नहीं मिलता ,और वो फिर इसी संसार में भूत प्रेत पैशाच या किसी की भी योनि पाकर सदा सदा इसी नश्वर संसार में विचरण करते रहते हैं

Saturday, April 22, 2017

यदि इस संसार मैं कुछ एकत्रित करना है तो ऐ नेक बंदे ,  मात्र दुआएं एकत्रित कर |

Friday, April 21, 2017

नेस्तानबूद हो जाते हैं वो
जो हाथों में हथियार लेकर चलते हैं
जिनका अपनी जुबान पर लगाम नहीं
अक्सर वो रास्तों से भटक जाते हैं |
आपके दिल में में कसक ऐ जुदाई
आपके तन में उमड़ती तन्हाई
आपके नैनों  में उफनते  अश्क़
आपके अंतर्मन में छुपी रहनुमाई
आज तक किसी को समझ ना आई

Thursday, April 20, 2017

MODI JI NE KIYA VISHWASGHAT

मोदी जी ने गैस सब्सिडी धारको के साथ एक और विश्वासघात किया ,उनके कहने प् र करोडो परिवारों ने अपनी गैस सब्सिडी लेने से इंकार कर दिया क्योँकि मोदी जी ने सब्सिडी छोड़ने को कहा था ,
दुसरे उस वक्त गैस सब्सिडी के नाम पर लगभग ८५ रुपया मिलता था जिसको आसानी से देश की खातिर या गरीबों की खातिर छोड़ा जा सकता था इतने पैसों से शायद गैस उपभोक्ताओं को कोई ख़ास फर्क नहीं पडत्ता था ,
परन्तु जैसे ही करोडो गैस उपभोक्ताओं ने सब्सिडी बेनिफिट लेने से मना कर दिया उसके तुरंत बाद ही बिना सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर का रेट दिनप्रतिदिन बढ़ता चला गया ,जिसमे आजकल सब्सिडी वाले और बिना सब्सीदी वाले सिलिंडर में लगभग  ३०० रूपये का फर्क है,और यह फर्क ५०० रुपया तक भी जा सकता है , जिसके कारण मध्यमवर्गीय  और गरीब सब्सिडी छोड़  देने वाले परिवारों को बिना सब्सिडी सिलिंडरखरीदने में परेशानी हो रही है और अब सभी गैस सब्सिडी वाले या तो मोदी जी को कोस रहे हैं या अपने आपको ,अब वो कहते हैं मोदी जी ने उनके साथ विश्वासघात किया ,
और बहुत से परिवार तो  कह रहे हैं की उनके कहे बिना ही उनको सब्सिडी वाला सिलेंडर देना ही बंद कर दिया था गैस की एजेंसीज ने ,अब बताइये वो क्या करें ,
अब जहाँ सब्सिडी वाला सिलेंडर ४५० रूपये का हैं वहीँ बिना सब्सिडी का ७४०  रूपये में आ रहा है |
वक्त से बड़ा ना कोई भैया
हो राम ,रहीम या कृष्ण कन्हैया

Wednesday, April 19, 2017

EK BHIKHAARI KI MUNH JUBANI

दिल्ली क पीतमपुरा मधुबन चौक पर मुझे एक भिखारी मिला जो कह रहा था ," दे बाबा मोदी जी के नाम पर ही कुछ पैसे दे दो "
मैंने कहा भाई तुम मोदी जी के नाम पर पैसे क्योँ मांग रहे हो
तो वो बोला साहब जब नोट बंदी हुई तो उस वक्त मेरे पास ५० हजार के १०००,के नोट्स   थे जो मैंने म्हणत मजदूरी करके सालों में कमाए थे ,मेरे बच्चे तो हैं नहीं इसलिए मैंने सोचा था की किसी अनाथ आश्रम में जाकर किसी गरीब मजलूम बच्ची की शादी करके कुछ पुन्न कमा लूंगा और कुछ पैसे से सब्जी आदि खरीदकर बेचा करूँगा क्योँकि अब मजदूरी भी नहीं मिलती क्योँकि मकान बनने ही बंद हो गए हैं ,दूकानदार कहते है अब तो हमारे पास ही काम नहीं है तो तुझे नौकरी कहाँ से दूँ ,इसलिए मई सुबह से मोदी जी के नाम पर पैसे मांग रहा हूँ परन्तु शाम होने जा रही है एक भी पैसा भीख में नहीं मिला ,अब सोचो कितना अरसेना ,( मनहूस )व्यक्ति है की उसके नाम पर कोई भीख भी नहीं देता पता नहीं वोट कैसे दे देते है जनता ,साहब मुझे तो कोई गड़बड़घोटाला ही लगता है ,वैसे ये चाय बेचने वाला आदमी है बहुत शातिर ,अब मेरा तो चाय वालों से ही विश्वास उठ गया है ,जाड़े की ठंड में एक चाय वाला बोला की तू मेरी चाय की भट्टी क पास सो जाया कर ,पर मैं रातभर ठंड से मरना पसंद करता हूँ पर उस चाय वाले की दूकान पर कभी नहीं सोया ,कुंकि मैंने सोचा की कहीं ये मेरे ५०००० रूपये ही ना सटक ले ,और देखो मेरा शक सच्चा निकला मेरे पैसे तो चाय वाले मोदी ही ने सटक लिए ,कूड़ा कर दिए ,साहब आप भी चाय वालों से बचकर रहना |

TARKASH KAA TEER

मोदी जी के तरकस के एक तीर ने
गुरु सहित किये कई अन्य शिकार
 जोशी जी का जोश खत्महो गया
 आडवाणी जी की फुर्र हो गई हुंकार ,
उमा भारती करेंगी  अब हर हर गंगे
विनय कटारिया का ना हो उद्धार 
योगी जी भी कुछ नहीं कर सकेंगे
मंदिर की नाव डूबी बीच मझदार ,


Tuesday, April 18, 2017

NEK SALAAH

यदि आप अपने बुरे वक्त में ,अपने बुरे हालात ,बुरे लोगों से बताओगे तो वो आपको बुरा और बुरे से भी बुरा बनाकर ,बदनाम करके ही छोड़ेंगे ,इसलिए अपने बुरे हालात और वक्त के बारे में किसी को भी मत बताओ हो सके तो चुपचाप शांति पूर्वक अपने बुरे वक्त को गुजार  लो सब कुछ ठीक हो जाएगा |

Monday, April 17, 2017

१ _दिल्ली के नगर निगम के  चुनावों में
केजरीवाल ( आम आदमी पार्टी )
काम को देखकर वोट
                 या
२_ मोदी जी ( भारतीय जनता पार्टी )
१० साल के भ्र्ष्टाचार को देखकर
 नो १
नो २
सुख अमृत का पान कर
दुखिया है संसार
जो दुखों को सुख कहे
बस उसका बेड़ा पार |


कल कल करते जग मुआ
कुछ किया संसार
जिसने आज को जान लिया
उसका भया उद्धार |


तूने किसी को क्या दिया
ना किया कभी उद्धार
अपना बेड़ा गर्क कर
क्योँ खोले नरक द्वार

Sunday, April 16, 2017

OUKAT

हम गंदे नदी नालों से भी गंदे हैं
इसीलिए लोग हमको महागंदे कहते हैं
ऊपर से तो हम सफेदी में फका फ़क़ होते हैं
परन्तु अंदर से हम काले कलूटे होते हैं ,
हम कूकर सूकर से भी गए गुजरे हैं
इसीलिए लोग हमारी तुलना उनसे भी नहीं करते हैं ,
हरामी पण में हमारी कोई सानी नहीं
इसीलिए हम अपने बाप के भी नहीं होते हैं
मुसीबत में जो भी हमारे काम आता है
उसकी मुसीबत में हम उसका भी साथ नहीं देते हैं ,
जो स्त्री मुसीबत में कंधे से कंधा मिला साथ देती है
अपना अच्छा समय आने पर उसे भी छोड़ देते हैं ,
जो भी व्यक्ति हमारे कामों में अड़चन लगाता है
उसे भीहम मौका देखकर नेस्ता नाबूद कर देते हैं ,
हम काम करने में अपनी मनमानी करते हैं
परंन्तु  छटाँक भर को सेर गिनवा देते हैं ,
सम्पूर्ण दिल्ली वासियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना है की भाइयों , दिल्ली की अस्मत, आबरू ,यहां की सभ्यता ,तहजीब ,को बचाना है तो भाजपा को आने वाले एम् सी डी चुनावों में वोट मत देना ,वरना तो दिल्ली विगत १० साल की भांति कूड़े का ढेर बनी हुई नजर आएगी ,बाकी आपकी इच्छा ,ठोकर खाकर ही संभल जाओ तो अच्छा है वार्ना फिर" पछताए होत  क्या जब चिड़ियाँ चुग जाएँ खेत "
हम उस देश के वासी  हैं
जहाँ ठोकर खाकर भी ना संभलते हैं
जब लातें पीछे से पड़ती हैं
तो मैया मैया कहते हैं ,
फिर भी खुद को दोष नहीं देते
ऊपर वाले को गालियां देते हैं
जब पार बसाती ना धींगड़ों पर
तो शरीफ और मजलूमों पर बरसते हैं |

Saturday, April 15, 2017

KEJRIWAAL JI

केजरीवाल जी आप वास्तव में एक जुझारू ,ताकतवर और स्तम्भीय , कर्मठ और ईमानदार नेता हो वरना तो जितने अत्याचार आप पर आपकी सरकार वा मंत्रियों पर ,अपनों और पराये  विरोधियों ,विपक्षियों नेताओं ने किये हैं ,और यहां तक की आपकी सरकार को उखाड़ने तक के प्रयत्न  किये जा रहे हैं ,राष्ट्रपति शासन तक लगाने के प्रयत्न  किये जा रहे हैं और आप पर तरह तरह के लांछन ,कुछ आपके भक्तों और कुछ बाहर के भक्तों के द्वारा लगाए जा रहे हैं ,इतना सबकुछ होने पर तो एक साधारण मानव टूट ही जाता है ,परन्तु आप अभी तक ना टूटे हैं और नाहीं टूटोगे और विचलित भी नहीं है ,ये इस बात का प्रमाण  आप अपना भविष्य बनाने में सक्षम हैं ,एक दिन सभी विरोधी मुंह की खाएंगे और आप सार्वभौम होंगे। अंत में एक शेर है "मुद्दई लाख बुरा चाहे तो क्या होता है ,वही होता है जो मंजूरे खुदा होता है "जीत भी आपकी ही होगी |

DIL K TUKDE

मुख्यतया अभिभावक अपनी जिंदगी को टुकड़ों टुकड़ों में जीते हैं ,और जिन दिल के टुकड़ों के लिए वो ऐसी जिंदगी जीते हैं जब वो ही दिल के टुकड़े,  बुढ़ापे में अपने माँ बाप को हिकारत भरी नजर से देखते हैं और उनकी बातों को अनसुना तक कर देते हैं या अपने मित्रों से दूर रहने तक की सलाह देते हैं और उनको वो टुकड़े टुकड़े जैसी जिंदगी भी देने में खुद को असमर्थ बताते हैं तो सच मानिये उन माँ बाप को अपना जीवन दुसाध्य और कष्ट कर नजर आता है तब उनके पास आत्महत्या जैसा घिनौना कार्य करने के शिवा और कोई चारा नहीं होता ,वार्ना वो फिर रात्रि में बिस्तर में पड़े पड़े आंसूओं से उसको गीला करते रहते हैं ,और जब वो स्वर्गीय हो जाते हैं तो उनकी किर्या के नाम पर अखबारों में बड़े बड़े विज्ञापन ,फोटो सहित दिए जाते हैं और उस विज्ञापन में पूरे खानदान के नाम और श्लोक ,तक लिखे जाते हैं और वो भी मात्र इसलिए की उनकी बिरादरी ,यार  रिश्तेदारों को पता चले की वो कितने अच्छे और महान  व्यक्ति हैं और भोज आदि भी दिए जाते हैं ,बरसियाँ मनाई जाती हैं काश यदि इतना खर्चा या सेवा भाव उनके जीते जी कर लिया जाता तो शायद स्वर्ग में रहते हुए भी वो अपने दिल क टुकड़ों हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते रहते ,पता नहीं ऐसे लोगों को भगवन कब सद्बुद्धि देगा ,हरी ॐ

Tuesday, April 11, 2017

KUCHH SHER

जन्नत की राह पे चले
तो भी हम फिसल गए
दोजख की राह ओ चले
तो भी वो बढ़ते चले गए |



उनकी मुहब्बत के वास्ते ,
हम बिकते चले गए
जब बोली उन्होंने लगा दी
तो हम जीते जी मर गए |


 तुम मेरी मज़ार पे रोओगे
तो कुछ भी ना पाओगे
मई रोऊँगा तेरी मजार पर
तो अश्क़ों से भीग जाओगे |


lokjoktiyan

इज्जत का एक निवाला अपमान के षटरस भोजन से हजार गुना अच्छा होता है |

समझदार व्यक्ति वही होता है जो  बुरे वक्त में चुपचाप रहकर अच्छे वक्त का इन्तजार करे |

क्रोधी मनुष्य शीघ्र ही मृत्यु को प्राप्त होता है क्योँकि क्रोध उसके शरीर और आत्मा को छलनी  कर देता है |

यदि मुर्दा ज़िंदा भी हो जाए तो मात्र कफ़न फाड़ सकता है |

नारि चाहे किसी भी जाति की हो चाहे कैसी ही भी हो ,वो प्रत्येक रूप में महान होती है, क्योँकि पुरुष ही अपने लाभार्थ हेतु कोई भी रूप प्रदान करता है |

हम सभी को सुसंस्कृत बनाने और संस्कारित करने एवं सुन्दर छवि  प्रदान करने हेतु नारी ही सर्वप्रथम है |

सौतेला शब्द ही विष स्वरूप है चाहे वो किसी भी रूप में क्योँ ना हो |

सर्प पर केंचुली का ,हाथी पर जवानी का ,चांदी  पर सोने के पानी का चढ़ने का ,पीतल के बर्तन पर कलई का ,निर्धन पर धन का ,वा इंसान पर  का ,मुलम्मा चढ़ जाता है ,तो ये सब मद मस्त हो अहंकार के वशीभूत हो ये स्वयं को भी भूल जाते हैं |

विश्वास करना चाहिए जंगल में केवल जानवर का ,पूजा में पत्थर पर और धंधे यानी की व्यापार में केवल पैसे पर |

नफरत की आग में जलता हुआ मनुष्य अजगर सांप से भी खतरनाक हो जाता है |

हौसले यदि बुलंद हो तो सियार भी गाँव उजाड़ देते हैं |

दुष्ट प्रकृति का मनुष्य धन का बाहुल्य होने या ना होने दोनों ही परिस्तिथियों में अपनी दुष्टता वा धृष्टता नहीं छोड़ता
अन्यायी संझ्या में चाहे कितने ही क्यों ना हों सत्यमार्गियों से युद्ध में समूल ही नष्ट हो जाते हैं जैसे महाभारत में दुर्योधन ,यानी कौरवों का सम्पूर्ण परिवार बड़े बड़े योद्धाओं सहित होने के बावजूद ,केवल पांच पांडवों और श्री कृष्ण जी से युद्ध करके सभी मृत्यु को प्राप्त हो गए ,परन्तु पांचों पांडव और श्री कृषि पूर्ण आयु भोगकर ही स्वर्ग गामी हुए |

Monday, April 10, 2017

LOUH PURUSH

हमारे आदरणीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी वास्तव में बहुत ही हिम्मत वाले ,रिस्क लेने वाले ,और जो ठान लिया उसे करने वाले ,और रस्ते में जितनी भी बाधाएं सबसे टकराने वाले ,और उनको खत्म करके ही दम  लेने वाले ,और जिसने भी उनका विरोध किया उन्हें बड़े प्यार से रास्ते से हटाने वाले ,फिर चाहे कोई भी हो यानी की उनकी पार्टी या किसी अन्य पार्टी का ही नेता क्योँ ना हो परन्तु एक नेता ऐसा भी है जिसको मिटाने क लिए उन्होंने शाम दाम दंड भेद सभी का इस्तेमाल करके देख लिया परन्तु आज तक तो उसे मिटा ना सके और शायद ही भविष्य में मिटा भी सके जबकि मोदी जी को इस मामले में   कांग्रेस पार्टी का भी पूर्ण सहयोग है ,और बाकी जितने भी विभाग हैं वो भी उनको पूर्ण सहयोग दे रहें हैं ,परन्तु  उसके रस्ते में रुकावटें तो बहुत डाली जा रही हैं उसके बावजूद भी उस नेता का बाल बांका ना कर सके ,क्या आप जानते हैं की वो नेता कौन है ?,तो मित्रो वो नेता लौहपुरुष अरविन्द केजरीवाल है ,
जी हाँ अरविन्द केजरीवाल
दिल्ली का मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल |

AASTEEN KE SAANP

मुझे अपनी आस्तीनों में
सांप पालने का शौक था
शौक को परवान चढ़ाकर
बिरादरी में प्रसिद्ध हो गए
परेशानी है ,सांप तो  गए
पर काटे के निशाँ बाकी हैं

Sunday, April 9, 2017

BHAJPA KA EK OR HATHKANDA

आजकल एम् सी डी ( कारपोरेशन )क चुनावों में भाजपा ने आप पार्टी को ,और उसके संयोजक मुख्य मंत्री दिल्ली क अरविन्द केजरीवाल को बदनाम करने क लिए लिए एक और नया तरीका अपना रहे हैं जो की फूहड़ और बेसिरपैर का है जैसे की ५० प्लेट खाने की जिसका टोटल बिल ७२५०० रुपया ,इस हिसाब से १ प्लेट खाने का बिल लगभग १४०० रुपया जिसे कभी वो १२०० ० की प्लेट बताते हैं और कभी १६००० की और कभी १६०० रूपये की ,जो की ताज मानसिंघ होटल जो की एक फाइव स्टार होटल है उससे मंगवाया गया और वो भी ३ साल पहले ,जिसकी फाइल दिल्ली क गवर्नर अनिल बेजल जी क पास विगत ३ वर्षों से पास होने क लिए पड़ी है खेर सवाल ये नहीं है ,सवाल ये है की या तो भाजपा प्रवक्ता ,अध्यक्ष अथवा मंत्री से संत्री तक पढ़े लिखे नहीं है क्योँकि वो ५० प्लेट खाने का हिसाब लगाने में भी असमर्थ हैं ,या जानबूझकर जनता को आप सर्कार के प्रति गुमराह कर रहे हैं ,या फिर उन्होंने कभी ककिसी ५ स्टार होटल में  खाना ही नहीं खाया वो लीठी  चोखा ही खाना जानते हैं ,वैसे भी यदि उन्होंने किसी ५ स्टार में खाना खाया होता तो वो इतनी असंगत बात  यहीं करते की एक थाली का मूल्य कभी १६०० कभी १२००० या कभी १६००० कहते ,बताते हैं |
जबकि आज भी ताज मानसिंघ होटल की एक थाली का रेट २५०० रुपया है और कोई भी वहां जाकर भी खा सकता है और अपने खर्चे पर घर भी मंगवा सकता है |
कहने का तातपर्य है की आज भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी आप पार्टी को खत्म करना चाहते हैं जब की वो इनके गले की हड्डी बन चुकी है ,परन्तु फिर भी कोशिश कर रहे हैं और केजरीवाल क बारे में दो जानी दुश्मन गहरे दोस्त बन जाते हैं
और अंत में मैं ये ही कहूंगा की इनकी ये बेवकूफी इनको दिल्ली में तो इन चुनावों में ले डूबेगी ,वैसे भी दिल्ली की जनता जानती है की जितना शोषण ये पार्टी पिछले सालों में दिल्ली वालों का कर चुकी है शायद  ही किसी और पार्टी ने किया होगा |

Saturday, April 8, 2017

लबों पर लगाम रखने वाले
ना कभी बदनाम होते हैं
चाहे कितने ही बड़े मूर्ख हों
सब उनको बुद्धिमान समझते हैं |

Friday, April 7, 2017

JOOTHAN

भोजों में भोज्य पदार्थों से
प्लेट ऊपर तक भर लेते हैं
कुछ पदार्थ स्पेस की कमी से
बह बह कर गिरने लगते हैं ,
किसी का सूट खराब होता है
किसी की साडी पे धब्बे लगते हैं
सभ्य होने के कारण एक दूजे को ,
कुछ भी कहने में संकोच करतें हैं ,
क्रोध तो सीमा पार कर जाता है
थप्पड़ मारने  को जी चाहता है
बस  चले तो खाल में भूसा भर दे
पर रायता फैलाने से डरते हैं ,
अंत में ऐसे  बुद्धिमान व्यक्ति
मुंह तक पेट भरने के पश्चात
बचे हुए समस्त  पदार्थों को
कूड़े के टबों में फेंक देते हैं
अपने देश में एक सर्वे के अनुसार
१९ करोड़ लोग रोज भूखे सोते हैं
यदि इस जूठन को बचा लिया जाए
तो २० करोड़ लोग पेट भर सकते हैं |



Thursday, April 6, 2017

हम अपने ख्वाबों में भी
उनको तवज्जो नहीं देते
फिर भी वो अपनी अदाओं से
हमारी नींद चुरा लेते हैं |
खुद्दार भी वही होते हैं जो कभी 
 अहसान फरामोश नहीं होते ,
अपना जनाजा निकलवा लेते हैं
किन्तु जुबान से वापस नहीं होते ।


अपनों का खून पीने  वाले
कभी शहंशाह नहीं होते
शहंशाह गर बन भी जाते हैं
तो खलकत के चहेते नहीं होते |



गौ रक्षक का ढोल पीटने वाले
मात्र एक एक गौ भी पाल लेते
तो कसाइयों की क्या मजाल
जो गौ को कत्ल खाने भेज देते ।




Wednesday, April 5, 2017

vyvhaar

पत्नी की बात
भाइयों के हाथ
माँ ,बाप का दोगला पन
बच्चों का कुठाराघात ।
ये चार प्रकार का व्यवहार सम्पूर्ण जीवन टीस देता रहता है

Monday, April 3, 2017

यदि टूटने से पहले ,जुड़ने की कला भी सीख लेते, तो शायद  टूटते ही नहीं ,और सुखी रहते
चक्रव्यूह में घुसने से पहले, बाहर  निकलने की कला सीख लोगे, तो कभी फसोगे ही नहीं ,

Sunday, April 2, 2017

जो मोदी जी के अगाडी और
योगी जी के पिछाड़ी से गुजरेगा ,
उनका क्या हाल होगा मैं  नहीं जानता
जरा बताने की कृपा करें ?