Monday, October 12, 2015

मृत्यु का भय

जब सब कुछ पूर्ववत
निश्चित है
कब
क्योँ
कैसे
किस तिथि में
किस स्तिथि में
किन परिस्थितियों में
किस स्थान में 
किसके द्वारा
किस खंजर से .या
बंदूक की गोली से
एक्सीडेंट में
बिमारी से या
गले में ग्रास अटकने से अथवा
विष प्रभाव से
एसिड से
या आग से
या अपनों के प्रयास से
पत्नी के त्रास से
बच्चों के अभाव से या
 उनके प्रभाव से या
बंधुओं के वैमनस्य भाव से 
मित्रों के लालच भाव से
बिजली गिरने से या
बिजली के करंट से
या किसी नारी के
कुटिल स्वभाव से
तो फिर चिंता क्योँ
मृत्यु से भय क्योँ ?








Saturday, October 3, 2015

सन्यासी कौन है ?

अनन्य भक्ति
भिक्षुक प्रवृति
भिक्षा  व्रती
उदर पोषणम् ,
आत्म संतोष
आत्म संयम
स्थान परिवर्तन
निकृष्ट जीवन ,
शैशव कालीन क्रीड़ा
प्रतिबंधित यौवन
उपरोक्त लक्षण
सन्यासी जीवनम |