Friday, April 28, 2017

prtibha

प्रतिभा ,
प्राय प्रत्येक व्यक्ति के अंदर कोई ना कोई प्रतिभा होती है परन्तु वो पूर्णत: छिपी होती है क्योँकि वो व्यक्ति उसका उपयोग नहीं कर पाता क्योँकि वो उसकी उपयोगिता से परिचित नहीं होता और वो शंकालू बना रहता है और जो व्यक्ति हिम्मत करके अपनी उस प्रतिभा का मूल्यांकन करके उसका उपयोग करना प्रारम्भ कर देता है तो वो देश का कोई महान  लेखक ,कवि ,नेता ,अधिकारी ,चित्रकार और जो भी प्रतिभा के अनुरूप होता है बन जाता है और फिर संसार में सूर्य की भांति चमकता रहता है ,
तो भाइयों मेरा कहने का अभिप्राय है की हम आप सभी व्यक्तियों को अपनी विलुप्त प्रतिभा को उजागर करना चाहिए ताकि उससे देश और समाज और स्वयं का भी विकास हो सके |
कांति प्रकाश चौहान

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