Wednesday, April 19, 2017

EK BHIKHAARI KI MUNH JUBANI

दिल्ली क पीतमपुरा मधुबन चौक पर मुझे एक भिखारी मिला जो कह रहा था ," दे बाबा मोदी जी के नाम पर ही कुछ पैसे दे दो "
मैंने कहा भाई तुम मोदी जी के नाम पर पैसे क्योँ मांग रहे हो
तो वो बोला साहब जब नोट बंदी हुई तो उस वक्त मेरे पास ५० हजार के १०००,के नोट्स   थे जो मैंने म्हणत मजदूरी करके सालों में कमाए थे ,मेरे बच्चे तो हैं नहीं इसलिए मैंने सोचा था की किसी अनाथ आश्रम में जाकर किसी गरीब मजलूम बच्ची की शादी करके कुछ पुन्न कमा लूंगा और कुछ पैसे से सब्जी आदि खरीदकर बेचा करूँगा क्योँकि अब मजदूरी भी नहीं मिलती क्योँकि मकान बनने ही बंद हो गए हैं ,दूकानदार कहते है अब तो हमारे पास ही काम नहीं है तो तुझे नौकरी कहाँ से दूँ ,इसलिए मई सुबह से मोदी जी के नाम पर पैसे मांग रहा हूँ परन्तु शाम होने जा रही है एक भी पैसा भीख में नहीं मिला ,अब सोचो कितना अरसेना ,( मनहूस )व्यक्ति है की उसके नाम पर कोई भीख भी नहीं देता पता नहीं वोट कैसे दे देते है जनता ,साहब मुझे तो कोई गड़बड़घोटाला ही लगता है ,वैसे ये चाय बेचने वाला आदमी है बहुत शातिर ,अब मेरा तो चाय वालों से ही विश्वास उठ गया है ,जाड़े की ठंड में एक चाय वाला बोला की तू मेरी चाय की भट्टी क पास सो जाया कर ,पर मैं रातभर ठंड से मरना पसंद करता हूँ पर उस चाय वाले की दूकान पर कभी नहीं सोया ,कुंकि मैंने सोचा की कहीं ये मेरे ५०००० रूपये ही ना सटक ले ,और देखो मेरा शक सच्चा निकला मेरे पैसे तो चाय वाले मोदी ही ने सटक लिए ,कूड़ा कर दिए ,साहब आप भी चाय वालों से बचकर रहना |

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