Monday, April 17, 2017

सुख अमृत का पान कर
दुखिया है संसार
जो दुखों को सुख कहे
बस उसका बेड़ा पार |


कल कल करते जग मुआ
कुछ किया संसार
जिसने आज को जान लिया
उसका भया उद्धार |


तूने किसी को क्या दिया
ना किया कभी उद्धार
अपना बेड़ा गर्क कर
क्योँ खोले नरक द्वार

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