Sunday, March 26, 2017

mera apna vichar

अक्सर आपने बहुत व्यक्तियों से सुना  होगा की प्रेम से दुश्मन को भी जीता जा सकता है परन्तु मैं ऐसा नहीं मानता क्योँकि मैंने आज तक ऐसा कोई वाकया नहीं देखा जहां पर किसी ने प्रेम से दुश्मन को जीता हो और यदि किसी ने जीत भी लिया तो, उस दुश्मन ने उसकी पीठ में छुरा ही भौंका है ,इसलिए मेरा निर्णय ये है की दुश्मन को सदैव शक्ति से ही जीता जा सकता है , और सदियों से ऐसा ही होता आया है इसलिए हम सबको भी पुरानी घटनाओं से सबक लेना चाहिए ।
अत: प्रेम से किसी प्रेमी को ही जीता  जा सकता है ,
और शक्ति से दुश्मनों को क्योँकि वो वही भाषा जानता है ।

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