Tuesday, February 7, 2017

KATAKSH

भारतवर्ष को  आजादी १९४७ में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी जी ने दिलवाई ,जबकि वो उस वक्त तक पैदा भी नहीं हुए थे ,अब सवाल उठता है कि जब वो पैदा ही नहीं हुए थे तो देश को उन्होंने आजादी कैसे दिलवा दी ,,मजे की बात तो यही है ,कयौकि वो उस वक्त किसी और देश के प्रधानमंत्री थे ,यानी की उस जन्म में ,और उनसे भारत की दुर्दशा देखि नहीं गई ,तो उन्होंने भारत वर्ष के दो व्यक्तियों को चुना एक स्व जवाहर लाल नेहरू और दुसरे स्व महात्मा गाँधी जी ,और इन दोनों नेताओं ने मोदी जी के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्य किया ,जिसके कारण भारत को अंग्रेजों ने आजादी दे दी ,
पहली बात तो ये है की कुछ लोग समझते हैं की देश को सिर्फ एक व्यक्ति यानी कि नेहरू जी ने आजादी दिलवाई ,परन्तु मोदी जी के अनुसार एक नहीं दो व्यक्तियों ने आजादी दिलवाई थी जिनमे दुसरे गांधी जी थे ,परन्तु वास्तव में हमको ,देश को आजादी दिलवाने का श्रेय तो अजन्मे मोदी जी को ही जाता है ,
और आज ६६ साल के बाद फिर एक बार मोदी को प्रतीत हो रहा है की देश प्रीतिदिन गुलामी की और अग्रसर हो रहा है इसलिए उन्होंने नोटों की गुलामी से मुक्त करने हेतु नोट बदली demontisation कर दिया,क्योँकि ना बांस होगा ना बासुरी बनेगी और नाहीं बजेगी ,तो वो हमको माया से मुक्ति दिलाकर आजाद करने का भरषक पर्यटन कर रहे हैं।
अंत में मैं फिर कहूंगा की हमको आजादी दिलवाने वाले मोदी जी का अहसान हमको मानना चाहिए ,।
अब जब मैंने भी मान लिया है तो आप भी मान जाओ शायद मोदी जी और अंध भक्त खुश हो जाएँ ?

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