Wednesday, January 25, 2017

kahawat

एक कहावत है भाई ,स्त्री के सन्दर्भ में ,
"चतुर नारि मूरख को ब्याही
लिखे कर्म को बाँचा करिबे "। ,
आज हमारे समाज में यही सबकुछ हो रहा है ,क्योँकि आज लडकियां लड़कों के मुकाबले सभी कार्यों में चतुर हैं परन्तु जब हम उनकी शादी करते हैं तो अच्छे लड़के मिलते नहीं और अभिभावक  समाज के भय से किसी भी 'ऐरे गैर नत्थू खैरे " के साथ शादी करनेको मजबूर हैं और फिर लड़की जीवन भर अपने भाग्य को ही कोसती रहती है ,।

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