Friday, October 7, 2016

bina shershak

इस नश्वर संसार में
पति ,पत्नी और
अपने बच्ची और बच्चे
होते हैं मात्र अपने ,
बन्धु बांधव ,सगे  सम्बन्धी
सभी हैं मुंगेरी लाल के सपने
समय परिवर्तन होते ही
एक दुसरे की छाया तक से डरते ,
भर देते हैं  नयनों में अथाह रूद्र
भर जाते हैं मटकी और मटके
इहलीला समाप्त हो जाने पर
श्रधांजलि यथाशीघ्र सम्पूर्ण करते ।

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