Friday, August 12, 2016

sawan ki fuharen

 हम प्रेम के बोल बोलते हैं तो 
निर्झर नीरज ही बरसता है
एक एक शब्द फुहारों से
सावन का सरवरा सा लगता है
प्रेयसी यदि साथ में हो तो
नृत्य को ह्रदय ललकता है
एक एक पैर  की तालों से
नीरज भी छप छप  करता है
शीश पर  बूँद टपकने पर
ओष्ठों पर जलावतरण होता है
आचमन करने पर बूंदों का
मधु सम  मीठा लगता है ।


 

Monday, August 8, 2016

suvichar

जो गुजर चुका है उसे भूल जाओ
जो आने वाला है उसका अभिवादन करो
दुख सुख दोनों में ऊपर वाले को नमन करो
यदि कुविचार मन में आएं तो शमन करो

Wednesday, August 3, 2016

chaar padaarh

पीने से पहले कुछ मत सोचो , दो या चार घूँट गले में उतारकर गला तर तो कर ही लो ,
पीने से पहले ३६ बार सोचो शायद खोपड़ी में गर्मी आ   जाए ,
पीने से पहले बिलकुल मत सोचो शायद शरीर में निथार आ जाए
पीने के बाद हजार बार सोचो शायद भविष्य अच्छा हो जाए।
अब आप इन चारों पदार्थों के नाम बताओ ,ताकि मुझे भी कुछ समझ आ जाए