Tuesday, April 19, 2016

ulta pulta

यदि सभी प्रकृति पर्दत्त कार्य ,यथा  अपने सतीत्व की रक्षा करना यानि के स्त्री  बृह्मचर्य का पालन करना ,
बच्चों को जन्म देने का कार्य करना , यानि की संरचना का विस्तार ,और सम्पूर्ण परिवार की मान मर्यादा को अक्षुण्य बनाए रखना ,लाज शर्म की गठरी  बने रहना जैसे कार्य बजाय नारि के बजाय पुरुष को करने पड़ते तो ,उसका प्रभाव ब्र्म्हांड पर क्या होता ,
कोई भी व्यक्ति स्त्री से शादी ही नहीं करता ,और संसार की आबादी आज की तुलना में १% या२% ही होती ,जानते  क्योिुं ?
क्योँकि व्यक्ति ( नर ) में ना तो दर्द सहने की शक्ति ,और नहीं बृह्मचर्य पालन करने का साहस ,और नहीं नारी जैसी सहनशीलता  ,और नहीं मान मर्यादा को  अक्षुण्य बनाए रखने  साहस,और नहीं   नारी जैसी मात्र शक्ति का अतुल्य भंडार

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