Tuesday, January 19, 2016

प्रतीक

नैमिषारण्य में
नैसर्गिक आनंद की
अनुभूति ,
ह्रदय पटल पर
उक्रित चित्रकारी की
वक्रित लकीरें ,
मनोमालिन्य पर
सानिंध्य हेतु
उन्मादित सुगंधित समीर ,
कैनवास पर थिरकती
नृत्य करती
मुस्कुराती अधबनी तस्वीर ,
जिसकी समीपता से
सौंदर्यता से
ओतप्रोत होता प्राचीर ,
धरा को भी
सुशोभित करता
स्वेदाम्बु होता अधीर
शशि को स्पर्श  हेतु
पूर्णिमा को
प्रयासरत क्षीर नीर |



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