Wednesday, July 8, 2015

आदरणीय मोदी जी

उनको देश हित के लिए बनाया था
पर वो विदेशी होकर रह गया
देसी २४ राज्यों का दौरा नहीं किया
पर २४ देशों का दौरा पूर्ण हो गया |
मैंने उनको बहुत भाषण देते देखा था
पर पी एम बनते ही मूक हो गया
मन मोहन सिंह मूक पी एम थे
पर मोदी जी उनसे आगे निकल गया |
ललित मोदी और व्यापम जैसे कांडों पर
कुछ भी बोलने तक से मना कर दिया
ऐसा प्रतीत होता है जनता जनार्दन को
की राज काज से उनका दिल भर गया |


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