Tuesday, June 2, 2015

मैं कुछ भी नहीं हूँ फिर भी कुछ तो हूँ

मैं कंकर भी नहीं हूँ
पत्थर भी नहीं हूँ
पर किसी पर्वत से
कम भी नहीं हूँ ,
मैं वृक्ष भी नहीं हूँ
और काष्ठ भी नहीं हूँ
पर चन्दन के तरु से
कम भी नहीं हूँ ,
मैं पक्षी भी नहीं हूँ
पशु  भी  नहीं हूँ
परन्तु शेर जैसे साहसी से
कम भी नहीं हूँ ,
मैं जल भी नहीं हूँ
और झील भी नहीं हूँ
पर समुन्द्र जैसे जलाशय से
 कम भी नहीं हूँ ,
मैं जीव भी नहीं हूँ
निर्जीव भी नहीं हूँ
पर जीवन रक्षा करने वाले से
कम भी नहीं हूँ ,
मैं दानी भी नहीं हूँ
दाता भी नहीं हूँ
पर प्रण निभाने वालों से
कम भी नहीं हूँ ,
मैं धरा  भी नहीं हूँ
आकाश भी नहीं हूँ
पर दोनों को मिलाने वालों से
कम भी नहीं हूँ ,
मैं साधू भी नहीं हूँ
ज्ञानिं भी नहीं हूँ
पर उपदेश देने वालों से
कम भी नहीं हूँ,
मैं क्या हूँ और
क्या कुछ नहीं हूँ
पर आप जैसे मित्रों को
मनाने में भी कम नहीं हूँ ,
आप मुझे कुछ भी समझे
मैं उसी में खुश  हूँ
यदि आप मेरे कृष्ण ,राम  है
तो मैं आपका सुदामा ,हनुमंत हूँ |




















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