Monday, May 25, 2015

advocate

जनता में एक कथन व्याप्त है और मैं भी कहता हूँ ,
झूठ बोलने से कभी भी किसी का भला नहीं होता ,
और सत्य बोलने से कभी किसी का बुरा  नहीं होता ,
पर मैं एक पूरी कौम और उनके पेशे के बारे में कहता हूँ
यदि वो झूठ नहीं बोलेंगे तो उनका कभी भला नहीं होगा बल्कि मैं तो कहूँगा की उनका पेशा ही नहीं चलेगा और यदि सत्य बोला तो सब कुछ ही समाप्त हो जाएगा और हो सकता है कि एक  दिन भिखारियों कि पंक्ति में ही लगना पड़े |वैसे वो भी झूठ बोलना नहीं चाहते पर उनकी मजबूरी है ,फिर मजबूरी में झूठ बोलना तो क्या झूठा लोग झूठा खाना भी खा लेते हैं |तो भाई वो हैं जिनको हम ओर आप  जब किसी मुकदद्मे में फंस जाते हैं तो उन्ही का सहारा लेना पड़ता है और वो हैं ,
वकील साहब ,अधिवक्ता,बेरिस्टर या न्याय दिलाने वाले देव दूत |

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