Tuesday, April 15, 2014

शान्ति दूत ईंट चूना,पत्थर सीमेंट

ईंट ,चूना ,पत्थर ,सीमेंट से
कोई भी नहीं पूछता
तुम कहाँ जा रही हो ,
किसके घर जा रही हो .
किसके इबादतख़ाने जा रही हो
किसकी धर्मशाला में जा रही हो
उसे ना हिन्दू से कुछ लेना है
ना मुसलमान को कुछ देना है
ना किसी नेता की तरह बहला फुसला कर
दोनों में से किसी का वोट लेना है 
उसे तो जो भी ले जाएगा अपने साथ
उसी के मकान ,दूकान धर्म स्थान
मंदिर ,मस्जिद में शांति से रहना है ,
अपनी जुबान को बंद रखने की
उसने पूरी तरह से कसम खाई है
क्योँकि ये जुबान ही तो है जो
सभी झगड़ों की बलबाई है
इसी से दोनों  हिन्दू मुस्लिम नेता
जब बारी बारी से आग उगलते हैं
उनका तो कुछ भी नहीं बिगड़ता
तब गरीब हिन्दू मुस्लिम ही मरते हैं |
यदि हो सके तो भविष्य में मुजफ्फर नगर जैसी हिंसक घटनाओं को ना दोहराया जाए सभी नेताओं और जनता को आगाह किया जाए ,

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