Saturday, April 12, 2014

एक नारी का परित्याग क्या ,मोदी की महानता का परिचायक है

जी हाँ मोदी जी ने पहले एक सुकन्या ( नारी ) जसोदाबेन से बालिग़ होने पर स्वयंवर रचाया और फिर उसकी शक्ल ओ सूरत ,पसंद ना आने पर उसका परित्याग कर दिया ,हो सकता है दहेज़ भी मुख्य कारण  रहा हो क्योँकि जशोदा बेन के घर वाले बहुत ही गरीब थे उस समय में ,इसलिए दहेज़ के हिसाब से फिट ना बैठे हों और लड़के ने साइकिल मांग ली हो ,साइकिल ना मिलने पर जसोदा बेन को छोड़ दिया हो ,और मोदी जी को पत्नी से इतनी घृणा हो गई हो की ४५ साल बीतने पर भी कम नहीं हुई और उन्होंने उसे आज तक पत्नी के रूप में नहीं स्वीकारा ,वो तो भला हो सोमाभाई का जिन्होंने जब सामने आकर डिफेंड करने को कहा तो अपना बेडा बड़ोदरा से भी गडक होते देखकर उन्हें मजबूरी में पत्नी स्वीकारना पड़ा |
रही परित्याग कर देश की सेवा करने की बात तो फिर उनको मिलिट्री में जाना  चाहिए था नेतागीरी काहे को की यहाँ रहकर तो उन्होंने अपनी सेवा की मजे लिए ,चाय बेचने वाले करोडो की सम्पत्ति के मालिक बनगए बंगले बना लिए पी एम बनने चल दिए प्रतिदिन नै नै पोशक बदलने लगे हेलीकाप्टर ,महंगी गाड़ियों में चलने लगे ,पर पत्नी को नहीं घूमना था और पता नहीं क्या क्या करते होंगेउनको  भगवान जाने या मोदी जी
रही बात नारी का परित्याग करने से कोई भी व्यक्ति महान नहीं हो जाता ,श्री राम ने भी सीता मैया का परित्याग किया था पर उंगलियां उनपर भी उठी थी ,और यदि जसोदा बेन ही उस समय में मोदी का परित्याग कर देती जब मोदी को उनकी जरुरत होती तो ये ही उसे पता नहीं क्या नाम उपनाम देते ,शर्म करो ओरत रुपी देवी को बदनाम मत करो
मई सम्पूर्ण नारी जाती से ाहयवं करूंगा की ऐसे व्यक्ति को जो स्त्री जाती का सम्मान ना करता हो उसे कभी भी किसी भी रूप में सम्मान मत दो उसका बहिष्कार करो हो सके तो चार चार.................................. =====================================================================

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