Thursday, June 20, 2013

महाकाल का प्रकोप

कल ,परसों ,और तरसों
जो महाकाल ने प्रदर्शन किया
देव भूमि को नष्ट भ्रष्ट करने का
मानो उन्होंने वचन ले लिया ,
क्या ये प्रलय ,जलप्रलय ,महाप्रलय
आंधी ,तूफ़ान ,भूकम्प  लाकर
अपने हजारों भक्तों को किस दोष का
दंड देकर उनका जीवन लील दिया ,
असंख्य भक्तों को दर्शन दे या बिना दर्शन के

अपने कमल चरणों में स्थान दे दिया
अभिभावकों को अपने बच्चों से
बच्चों को अभिभावकों से प्रथक कर दिया ,
अपने पैरों भी आपने कुल्हाड़ी मारी
हर भक्त के ह्रदय में संशय भर दिया
चार धाम की यात्रा करने का पर्ण लेकर
क्यों अपना कुनबा ध्वस्त कर लिया ,
ये सब आपकी क्रीडा ,लीला देखकर
भक्त का भगवान् से विश्वास उठ गया
जो दिन रेन आपके पगों में पड़े रहते थे
उन्होंने ,आज आपसे अपना मुख मोड़ लिया |

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